आज है विश्व कैंसर दिवस,आज का थीम- “I Am And I Will” 

ओंको सर्जन डॉ.अर्पण चतुरमोहता से ख़ास चर्चा

रायपुर | आज 20 वा विश्व कैंसर दिवस है। विश्व कैंसर दिवस के लिए इस वर्ष का विषय है – I Am And I Will यानी मैं हूं और मैं लूँगा। इसका साफ़ अर्थ होता है कि हम कैंसर से लड़ सकते हैं और इसे पीड़ितों की जिंदगी से दूर भी कर सकते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में अब कैंसर से लड़ने के लिए दवाइयां उपलब्ध है। यही कारण है कि कैंसर पीड़ित मरीज को भय नहीं लगता। वह जिंदगी के जंग को चिकित्सको के परामर्श से पार कर लेता है। 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस पर देश टीवी के साथ खास मुलाकात में राजधानी रायपुर के संजीवनी कैंसर अस्पताल के ओंको सर्जन डॉ.अर्पण चतुरमोहता ने कैंसर से बचाव और इसके लक्षण पर प्रकाश डाला है।

चिकित्सक की राय
डॉ.अर्पण चतुरमोहता का मानना है कि जागरूकता की कमी के कारन ही आज देश में कैंसर पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। लोगो में खान पान का बदलाव सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि अब कैंसर का मतलब जीवन का अंत नहीं है,बल्कि हमें कैंसर के भय को ख़त्म कर अस्पताल में सही इलाज की आवश्यकता है। यदि कैंसर के मरीज को पहले या दूसरे चरण में ही पकड़ लिया जाये तो कोई खतरा नहीं है। लेकिन अधिकतर लोग रोग को पहले ध्यान नहीं देते और जड़ी बूटी और अन्य इलाज पर ज्यादा भरोसा करते है. जिससे कैंसर मरीज के लिए काल बन जाता है।

कई प्रकार के कैंसर
कैंसर कई प्रकार के होते है। इनमे आज के युग में सबसे ज्यादा कैंसर मुँह का कैंसर होता है। इसका कारण नशीले पदार्थ का सेवन करना है। मुँह के कैंसर से बचने के लिए गुटखा से परहेज सबसे ज्यादा है। वहीँ आज के समय में महिलाओं में स्तन कैंसर 10 में से 3 महिलाओं को हो रहा है। डॉ.चतुरमोहता के अनुसार महिलाएं शर्म के कारण इसे छुपाती है जो जानलेवा साबित होता है। आज की महिलाएं बच्चे को दूध पिलाने में कोताही बरतती है। ये भी एक बड़ा कारन है स्तन कैंसर का।

जागरूकता जरुरी
डॉ अर्पण चतुरमोहता ने कैंसर पीड़ितों से अपील की है कि वे चिकित्सक के कहे अनुसार इलाज कराएं और खान पान में परहेज जरूर करें तो कैंसर का निदान अवश्य है। उन्होंने कहा की आज हमें प्रण लेना होगा की देश और प्रदेश से कैंसर को मुक्त करिएँ और आम लोगो में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाएं। जिससे लोग सावधान हो और कैंसर उनके करीब कभी न पहुंचे।