मुख्यमार्ग पर कट रहे पेड़,मिले दर्जनों पेडों की ठूंठ

कोरिया का देवगढ़ परिक्षेत्र प्रभावित

बैकुंठपुर । कोरिया वनमंडल के देवगढ परिक्षेत्र में रावतसरई से लेकर बेलार्ड के जंगलों में मौके पर कटे दर्जनों पेडों की ठूंठ मिलने पर वन अमले ने पीआरओ बनाया। वहीं मौके पर पेड़ो को काट बनाए गए झालों को भी तोड़ा गया। मुख्यमार्ग पर जब इस तरह पेडों की अवैध कटाई जारी है तो जंगल के अंदर की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने बीट गार्डो को जानकारी दी, जिसके बाद कटे पेडों का उन्होने पीओआर बनाया, इस मौके पर पेडों को काट कर बनाए गए झालों को भी वन विभाग के कर्मचारियों ने तोडा। जानकारी के अनुसार कोरिया वनमंडल के देवगढ परिक्षेत्र के सुरजपुर जिले की सीमा से लगा रावतसरई गांव है, इसके पहले पडने वाले सिंगपानी, बेलार्ड के बाद घने साल के जंगल है, जहां साल के पेडों की अंधाधुंध कटाई जारी है, मुख्य मार्ग पर कई पेडों के ठूंठ आसानी से देखे जा सकते है।

                                      शनिवार को 12.30 बजे बेलार्ड के आगे जंगलों में दर्जनों पेडों के ठूंठ नजर आए, जिसके पास लेंटाना कटाई में लगे बीट गार्ड राजीव कुमार और महेन्द्र पैकरा को ग्रामीणों ने मौके पर बुलाकर ताजा कटे पेडों के ठूंठों को पीओआर करने को कहा, जिसके बाद दोनों बीट गाडों ने सभी पेडों के ठंठोे का पीओआर किया, वहीं पेडों को काट कर जंगल में बनाए झालों को भी तोडा। गौरतलब है कि इन दिनों देवगढ परिक्षेत्र में कैम्पा मद से करोडों के कार्य जारी है, जिनमें जंगल में लगे लैंटाना की कटाई की जा रही है। बावजूद लकडी के तस्करों के हौशले बुलंद हैं। ग्रामीणों की मानें तो वन विभाग के अधिकारियों का इस ओर कभी आना होता ही नहीं है, जिसके कारण जंगल की सुध लेने वन अमला भी लापरवाही बरत रहा है।

पूरे परिक्षेत्र का है हाल बेहाल
कोरिया वनमंडल का देवगढ़ परिक्षेत्र का क्षेत्रफल काफी बड़ा है। इस परिक्षेत्र में सबसे ज्यादा वनभूमि पर अतिक्रमण है। पेडों की देखभाल में लापरवाही सामने आ रही है। अधिकारियों का क्षेत्र में दौरा कम, ज्यादा वनमंडल में होता है, जिसके कारण कटाई जारी है।