जिला जेल में क्षय रोग स्क्रीनिंग शिविर आयोजित

160 बंदियों में 22 संभावित टीबी मरीज मिले

बैकुंठपुर | जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जेल में आज एक शिविर आयोजित किया जिसमें 160 निरूद्ध बंदियों एवं विचाराधीन बंदियो में 22 संभावित टीवी मरीज मिले। संभावित मरीजों की जांच उच्चतम तकनीक सीबीनाट एवं एक्सरे के आधार पर निशुल्क की गई।
टीबी खोजो अभियान यानि एक्टिव केस फाइंडिंग कैंपेन के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डां रामेश्वर शर्मा ने बतायारू“राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जेलों में टीबी की जांच एवं उपचार के लिये राज्य सरकार के निर्देशानुसार, पुलिस प्रशासन के सहयोग से टीबी खोज अभियान में निरूद्ध एवं विचाराधीन बंदियो की जांच की जाती ह|इसी कडी में शिविर का आयोजन किया जा रहा है।“

जिला क्षय नोडल अधिकारी डा अशोक सिंह ने बताया “ शिविर में बंदियों के सक्रिय जांच उच्चतम तकनीक सीबीनांट एवं एक्स रे के माध्यम से की की गई| टीबी चिकित्सा शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन एवं जिला जेल अधीक्षक के समन्वय से करवाया जा रहा है।“ ट्यूबरक्लोसिस एक नोटीफयाबेल रोग है जिसकी जानकारी सरकारी स्वास्थ केन्द्रों से, प्राइवेट डॉक्टरों से या फिर केमिस्टको भी देना अनिवार्य है।टीबी का उपचार सभी सरकारी स्वास्थ केन्द्रों में निशुल्क उपलब्ध है और अगर नियमित दवा ली जाए तो यह रोग पूरी तरह से ठीक होती है।उपचार के साथ, मरीज को उपचार की अवधी में पोषण के लिए खाद्य सामग्री भी सरकार द्वारा दी जाती है।

कैसे होता है टीबी:
टी.बी. के बैक्टीरिया सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं। किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकने के समय बलगम व थूक की बहुत ही छोटी-छोटी बूंदें हवा में फैल जाती हैं, जिनमें उपस्थित बैक्टीरिया कई घंटों तक हवा में रह सकते हैं और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस लेते समय प्रवेश करके रोग पैदा करते हैं। एक मरीज 15-20 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
इसकेप्रमुख लक्षण हैं:
दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी होना
खांसी के साथ बलगम आना
कभी−कभी थूक से खून आना
वजन कम होना
भूख में कमी होना
सांस लेते हुए सीने में दर्द की शिकायत
शाम या रात के समय बुखार आना
आयोजित शिविर में चिकित्सा अधिकारी डॉ इमरान खान, शिशिर जायसवाल, संतोष सिंह, राजेश विष्वकर्मा, वंशलाल यादव, द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।