कोरिया में बेमौसम बारिश, धान-खलिहान तरबतर

आलू-अरहर की फसल को भी नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

बैकुंठपुर। कोरिया जिले में 13 दिसंबर की रात्रि से मौसम में अचानक परिवर्तन देखने को मिला जिसका असर आगामी 17 दिसंबर तक रहने का अनुमान लगाया गया है । इसी बीच 15 दिसंबर को कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर सहित जिले के कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश से दिन की शुरूआत हुई करीब आधे घंटे की बारिश में ही चारों ओर पानी ही पानी हो गया सड़कों पर पानी का बहाव होने लगा तथा कई जगहो पर पानी का जमाव हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई जगहों पर पानी भराव हो गया जिससे कि ऐसे पानी भराव वाले जगह पर लोगों को आवागमन करने में काफी दिक्कत हुई। आधे घंटे बाद बारिश थम गया और कुछ देर तक रूकने के बाद दोपहर में फिर काले बादल आसमान मे घुमड़ने लगे और दूसरी बार दोपहर में फिर झमाझम बारिश शुरू हो जो कुछ देर बाद थम तो गया लेकिन हल्की बारिश का क्रम दिन भर चलता रहा। जिसके कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। बारिश मौसम के कारण साप्ताहिक बाजार भी ठीक से नहीं भरा।
इसके अलावा स्थानीय स्कूलपारा मुख्य मार्ग के किनारे संचालित गर्म कप॒डों के अस्थाई दुकानदारों को भारी बरसात के कारण अपना दुकान समेटना पडा। जमकर हुई बारिश के बाद इस स्थल पर स़डक पर पानी भर जाने के कारण यहॉ पर संचालित कई व्यापारियो को अपने दुकान का सामान समेटना पडा जिससे कि उनकी दुकानदारी प्रभावित हुई दूसरे दिन पुनः दुकान व्यवस्थित करने लगे।
जानकारी के अनुसार जिले के भरतपुर व सोनहत जनपद क्षेत्रों में भी जमकर बारिश हुई। जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। बरसात थमने के बाद पहली बार जमकर झमाझम बारिश हुईज्ञात हो कि बीते 13 दिसंबर की रात्रि से मौसम में अचानक बदलाव आया जिसके चलते लगातार अब तक आसमान में बादल छाये है जिस कारण ठण्ड में अभी ब्रेक लगा हुआ है। लेकिन जैसे ही मौसम साफ होगा वैसे ही लोगों को कडकडाती ठण्ड का सामना करना पड़ेगा। दिसंबर माह का एक पखवाड़ा गुजर गया लेकिन अब तक जिस रफ्तार से ठण्ड लगनी चाहिए थी वैसा अब तक महसूस नहीं किया जा रहा है लेकिन आगामी 18 दिसंबर से मौसम के खुलने का अनुमान है इसके बाद जोरों की ठण्ड शुरू जाएगी।

भींगे धान-खलिहान
रविवार को सुबह के समय अचानक हुई बे मौसम बारिश से कई किसानों के खेतों में तथा खलिहानों के धान भींग गये। अभी धान की कटाई लगभग पूर्णता की ओर है कई किसान धान की कटाई अभी पूरी तरह से नही किये है उनके धान खेतों में भींग गये वही कई किसानों के धान खलिहान में रखे गये है जो अचानक हुई बारिश में भींग गये। इसके अलावा जिले के विभिन्न समितियों में धान को सुरक्षित ढंकने के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था नहीं होने के कारण समितियों के प्रांगण में खुले में रखे गये धान की बोरियां भींग गयी। हालांकि कई एक दिन पूर्व 14 दिसंबर से ही मौमस का मिजाज बिगड़ गया था लेकिन इसकी उम्मीद नहीं थी कि दूसरे दिन अचानक जमकर बारिश हो जायेगी। कई समितियों के पास तिरपाल तो है लेकिन पर्याप्त नही जिसना तिरपाल उपलब्ध था उसमें धान को ढंका गया लेकिन जब से धान खरीदी की शुरूआत हुई तब से धान का उठाव नहीं होने के कारण समितियों के प्रांगण में धान की बोरियां जाम होती रही और अचानक हुई बारिश के कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण खुले में रखे समितियों के धान भींग गये।

आलू-अरहर की फसल को नुकसान
हाल में अचानक हुई जमकर बारिश से क्षेत्र के किसानेां को काफी नुकसा पहुंचा। कई किसानों के खेतों तथा खलिहानों में रखे धान जहॉ भींग गये वही अनेक सब्जी उत्पादक किसानों को भी नुकसान उठाना पडा। जानकारी के अनुसार रविवार को सुबह के समय हुई झमाझम बारिश से आलू और अरहर की फसल केा नुकसान पहुंचा है कई किसान ऐसे है जिनके आलू फसल की खुदाई नही कर पाये है जिससे कि उनके आलू फसल को बे मौसम बारिश के कारण नुकसान उठाना पड़ गया यदि ऐसे आलू को समय पर नहीं निकाला गया तो आलू जल्द खराब हो जायेगे। वहीं अरहर के फूलों में कीड़े लग रहे तो काफी मात्रा में फूल झड़ रहे हैं जिसके कारण नई बालियां आने में दिक्कत होना तय है।