साल के अंतिम नेशनल लोक अदालत में विभिन्न मामलों का हुआ निराकरण

सर्वाधिक निराकृत मामलो में रायपुर अव्वल

रायपुर | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साल 2019 का अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया था। छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा के निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश रामकुमार तिवारी के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार 14 दिसंबर को जिला न्यायालय रायपुर एवं रायपुर जिले के अन्य तहसील न्यायालयों में किया गया था। इस नेशनल लोक अदालत में रायपुर जिला न्यायालय में कुल 1310 प्रकरणों का निराकरण हुआ। इस लोक अदालत मेें कुल 13796 मामलों को सुनवाई हेतु रखा गया था, जिसमें 8993 प्रीलिटिगेशन प्रकरण थे और 4803 न्यायालय के लंबित प्रकरण थे।

30 खण्डपीठों का हुआ था गठन
नेशनल लोक अदालत हेतु जिला न्यायालय रायपुर में कुल 30 खण्डपीठों का गठन किया गया था। साथ ही, तालुका स्तर पर गरियाबंद, तिल्दा, देवभोग एवं राजिम के न्यायालयों में भी लोक अदालत लगायी गयी थी। नेशनल लोक अदालत में निराकृत हुए मामलों में कई ऐसे मामले भी थे, जो लंबे समय से न्यायालय में लंबित थे। इसके अतिरिक्त न्यायपीठों के समक्ष लगभग साढ़े सात हजार प्री-लिटिगेषन मामले भी सुनवाई हेतु रखे गए थे, जिनमें से बड़ी संख्या मामले निराकृत हुये।

कुटुंब न्यायालय में राजीनामा
नेशनल लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय रायपुर में दस मामलों में राजीनामा हुआ जिसमें प्रधान न्यायाधीश आर.के. अग्रवाल की खण्डपीठ में 08 मामले निराकृत हुए । पारिवारिक विवादों के अन्य आठ जोड़ों ने आपसी सहमति से अपने मामले को इस लोक अदालत में समाप्त कराया। साथ ही सुखी दाम्पत्य जीवन बिताने घर लौटे।

रायपुर जिले में फिर हुआ सर्वाधिक मामलों का निराकरण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि लोक अदालत में आपसी राजीनामे के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण किये गए। जिला न्यायालय रायपुर में इस पूरे वर्ष आयोजित हुई लोक अदालतों में पूरे राज्य में हर बार सर्वाधिक मामलों का निराकरण किया। साल के आखिरी नेशनल लोक अदालत में रायपुर जिले ने प्रदेश में सर्वाधिक मामलों का निराकरण किया, जो कि जिला न्यायालय रायपुर के जुड़े हुए हर व्यक्ति और संस्था के लिए खुशी और गौरव की बात है।

लोक अदालत के दौरान प्राधिकरण द्वारा लोगों की सुविधा के लिए श्री नारायणा हास्पिटल देवेन्द्र नगर रायपुर की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें लगभग तीन सौ लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। साथ ही वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग के सहयोग से राजीनामा करने वाले पक्षकारों को उपहार स्वरूप पौधे भेंट किए गए।

ये है नेशनल लोक अदालत के आंकड़े

नेशनल लोक अदालत में सुनवाई हेतु रखे गए कुल मामले -13796
निराकृत हुए कुल मामले – 1310
निराकृत हुए मामलो का वर्गीकरण-
राजीनामा योग्य आपराधिक मामले- 438
चेक बाउंस के मामले – 364
दुर्घटना दावा प्रकरण – 110
सिविल वाद – 118
विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले- 78
विवाह से संबंधित मामले- 10
निराकृत हुए प्रीलिटिगेषन प्रकरण-226
कुल समझौता राशि – 101654508/-रूपये (दस करोड़ सोलह लाख चैवन हजार पांच सौ आठ रूपये)