Video:दंतेवाड़ा में सफेद अमचुर का स्वाद जिले को दिलाएगा नई पहचान

अमचुर की बिक्री से महिलाओ की बढ़ेगी आमदनी

धर्मेंद्र महापात्र,दंतेवाड़ा | जिले की महिलाएं अमचुर सिर्फ आम को सुखा कर कच्चे माल के तौर पर नही बेचेंगी बल्की उसे पाउडर स्वरूप में प्रोसेसिंग कर बाजार में बेचा जाएगा । इससे ना सिर्फ अमचुर का वैल्यु एडिशन होगा बल्की महिलाओ की आमदनी बढाने का एक और जरिया भी बनेगा। साथ ही दंतेवाड़ा जिले में स्वसहायता समूह की  महिलाएं जिले को नई पहचान भी दिला रही है।

महिलाओं ने बताया जिला प्रशासन द्वारा उन्हें ट्रेनिग दिया गया है। पहले पारम्परिक तरीके से लोहे के औजार या छुरी से आम के छिलके उतरते थे। जिससे लोहे के प्रभाव में आकर आम काला पड़ जाता था । जिससे उसकी कीमत कम मिलती थी ।अमचुर का रंग काला ना पड़े इसलिए अब स्टील के चाकु या सीप के खोल का उपयोग किया जा रहा है।

बस्तर का आम ऐसे भी काफी स्वादिष्ट माना जाता है। ये महिलाएं पहले आम को साफ पानी में भीगकर कुछ देर रखते हैं।  उसके बाद आम को अच्छे से छिला जाता है,ताकि उसका छिलका पूरी तरह से साफ हो जाय। इसके बाद आम को छोटे छोटे टुकड़े किये जाते हैं।  उसके बाद इसे धुप में सुखाया जाता है।  जब आम के टुकड़े पूरी तरह से सुख जाता है तो इसे मशीन में पिसा जाता है। जिसके बाद सफ़ेद पाउडर के रूप में इसे बाजार में उतारा जायेगा। बस्तर के साथ साथ पुरे देश भर में इसका मार्केटिंग करने का प्रावधान भी रखा गया है।

जिले में उत्पादित अमचुर को डैनेकस यानी दंतेवाड़ा नेवस्त के ब्रांड के साथ  बाजार में उतारा जाएगा । उल्लेखनीय है कि नवा दंतेवाड़ा गारमेंट्स फैक्ट्री में तैयार कपड़ो के अलावा छिंद रस से निर्मित गुड़ पैकेट और आरओ वाटर को भी इसी ब्रांड के नाम से पहचान मिल चुकी है।

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