5 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

जानिए क्या है वजह

कोरिया | मनेन्द्रगढ तहसील में शामिल न किये जाने के विरोध में चक्काजाम किया। जिसमे 5 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने दिनभर सड़क पर आवाजाही को प्रतिबन्ध कर दिया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। परंतु वो खबर लिखे जाने तक धरने से नही उठे।

आंदोलनकारी अड़े रहे
जानकारी के अनुसार सीएम भूपेश बघेल के 9 नवंबर 2019 के कोरिया आगमन के पहले ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर मनेन्द्रगढ़ तहसील में शामिल किए जाने की मांग की थी। तब उन्हें जांच कर कार्यवाही किए जाने की बात कही गई थी। वही 9 नवम्बर को कोरिया पहुंचे मुख्यमंत्री ने केल्हारी को तहसील बनाये जाने की घोषणा कर दी, जिससे पाँच ग्राम पंचायत, जिसमे पेंड्री, घुटरा, मसरा, महई और गरुडोल ने सामूहिक रूप से पेंड्री के पास मनेन्द्रगढ़ जनकपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सुचना मिलने के बाद मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस ने आंदोलनकर्ताओ को कई बार समझाइश दी गई, लेकिन गांव वाले मैंने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि केल्हारी हमारे ग्राम पंचायतो से 36 किमी दूर है, जबकि मनेन्द्रगढ़ तहसील 18 किमी है एवं मनेन्द्रगढ में ही हमारे काम की सारी संस्थाये बैक, सामदायिक स्वास्थ्य केन्द्र न्यायालय जनपद पंचायत, स्कूल, कालेज, खाद बीज खरीदी बिक्री केन्द्र, नजदीकी रेलवे स्टेशन, नजदीकी शहर एवं बाजार, पशु औषधालय, थाना सभी मौजूद है। उनका ये भी कहना है की ग्राम पंचायतो से दो गुना ज्यादा दूर, समय पर साधन न होने, तीन गुना ज्यादा किराया एवं बहुत ज्यादा समय खराब होने के कारण तथा पूर्व मे मनेन्द्रगढ तहसील में ही रहने के कारण हम सभी शुरू से ही प्रशासन द्वारा बिना किसी सूचना के केल्हारी उप तहसील में शामिल कर देने का विरोध करते आ रहे हैं। परंतु प्रशासन अभी तक हमारी इस समस्या के निवारण हेतु गंभीर नही है। प्रशासन द्वारा अनसुना करने के कारण ही आज समस्त ग्रामवासी अपने मांग की पूर्ति हेतु आंदोलन, धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम कर रहे है।

कई बार दे चुके है आवेदन
ग्रामीण बताते है वर्ष 2017 से कई बार जिला प्रशासन कोरिया, विधायक कार्यालय, मनेन्द्रगढ तहसील कार्यालय, समस्या निवारण शिविरों मे वो केल्हारी के शामिल होने का विरोध कर चुके है। परन्तु प्रशासन हमारी सुनने को तैयार नही है।

पूरे दिन लगा है वाहनों का जाम
5 ग्राम पंचायतों के इस प्रदर्शन में पूरे दिन लोग परेशान हुए। जनकपुर आने और जाने वाले को घंटों यही रुके रहना पड़ा। सैकड़ो की संख्या में वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। वहीँ धरना प्रदर्शन से आमजन को काफी दिक्कत महसूस हुई लेकिन लोगो ने ग्राम पंचायतों की मांग को जायज बताया।