बाहर से क्यों खरीद रहे हैं दवा, कोरिया के मरीज…

दवाइयां नहीं आने से जिले भर के अस्पतालों में कमी

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएसएसी) से दवाइयां नहीं आने के कारण कोरिया जिले के अस्पतालों में सरकारी दवाओं की कमी देखी जा रही है। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने दवाईयां नहीं होने पर बाजार से खरीदने के लिए सीजीएमएसएसी से एनओसी मांगी है, जिसके बाद कम होने वाली 25 दवाईयों की स्थानीय स्तर से खरीदी की जा रही है। बावजूद इसके कई सेंटरों पर सरकारी दवाईयां का अभाव होने के कारण मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार सीजीएमएससी ने पैरासीटामॉल (बुखार में उपयोगी), एंड्रीनाल वैक्सीन (एंटीबायोटिक), डाइक्लोफिन सोडियम (दर्द), आईब्रूफेन 200 और 400 एमजी (दर्द), नार्थक्ला टीजेड (दस्त) समेत करीब 25 प्रकार की दवाइयों के लिए एनओसी जारी कर दी है। यानी ये दवाइयां अस्पतालों को लोकल पर्चेस से खरीदनी होगी। दूसरी ओर जिले के कई अस्पतालों में कप सीरप, सिट्रीजन सीरप, आई और इअर ड्राप, डिस्पोजल सिरींज 5 और 10 एमएल, डायक्लोफेनेक, एंटासिड, कैल्शीयम टेबलेट, ओमोक्सीलिन कैप्सूल, डायक्लोफेनेक इजेक्शन, रेनीटिडीन, ओइंटमेंट पोविडीन के साथ डीएनएस तक की सप्लाई नहीं हो रही है।

अव्यवस्था के कारण छोटे अस्पतालों में दिक्कत
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में समय समय पर लोकल पर्चेस होने के कारण जरूरी दवाइयों की पूर्ति आसानी से हो जाती है। लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे छोटे अस्पतालों में दवा सप्लाई कॉर्पोरेशन के भरोसे ही रहती है। ऐसे में छोटे अस्पतालों में दवा मिलने में दिक्कत हो सकती है। गौरतलब है कि जिले में 1 जिला अस्वताल, 5 सीएससी, 30 पीएचसी, 186 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित है।

स्थानीय पर होना है खरीदी
दवाइयों की स्थानीय स्तर पर खरीदी को लेकर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। निर्देश यह है कि दवाईयों की खरीदी स्थानीय स्तर पर हो, परन्तु जिला मुख्यालय से दूर सीएससी में स्थानीय स्तर पर खरीदी नही की जा रही है। कुछ दिन पहले पैरासीटामोल सीरप, एंटासीड और कैल्शीयम टेबलेट नहीं होने के कारण जिला स्तर पर खरीदी कर भेजा गया। कायदे से निविदा निकालकर कर दर देने वाले मेडिकोज एजेंसी से दवाईयों की खरीदी की जानी है। जब तक दवाइयों की खरीदी नहीं होगी शॉर्टेज दूर नहीं होगा। नियमतः विभाग को ब्रांडेड की जगह जेनेरिक मेडिसीन की खरीदी करनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी परेशानी है। इन हालातों में अस्पतालों को जीवनदीप समिति के फंड से लोकल स्तर वैक्सीन खरीदने के निर्देश दिए है। लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को टीकाकरण की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीज मेडिकल दुकानों से महंगे दामों पर वैक्सीन खरीद रहे है।