Covid-19 Effect : लॉक डाउन की वज़ह भूखों मरने की स्थिति में कांकेर के बुनकर

पिछले 7 महीने से नहीं मिला कपडा बुनने का धागा

कांकेर। वैश्विक महामारी कोरोना (Covid-19) ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है, और लोग अपने घरों में कैद रहने पर मजबूर है। इन सब के बीच हाथकरघा बुनकरों को कपड़ा बनाने के लिए पिछले 7 महीने से धागा नहीं मिल पा रहा है। थोड़े बहुत धागा है जो 3 से 4 दिन चलने के बाद तालाबंदी जैसे नौबत आ जायेगी।

बता दे कि कांकेर जिले के ग्राम सरंगपाल में हाथकरघा बुनकरों को कपड़ा बनाने के लिए पिछले 7 महीने से धागा नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। धागा न होने की वजह से कई लोगों ने तो काम बंद कर दिया है, तो कई लोग काम बंद करने वाले हैं। मनकेसरी में बुनकरों की शिकायत है कि उन्हें अब तक एक बार भी धागा नहीं मिल पाया है।

ग्राम सरंगपाल में दो बुनकर समिति संचालित हैं। इसमें काफी लोग जुड़े हुए हैं। यहां जय मां दुर्गा बुनकर समिति 7 साल से हाथकरघा लूम से कपड़ा बनाने का काम कर रही है। इसमें 34 बुनकर काम कर रहे हैं। इसमें धागा की बहुत ज्यादा कमी के कारण अभी सिर्फ 10 बुनकर ही काम कर रहे हैं।

आखरी दफ़े जनवरी में मिला था धागा
जय मां बुनकर समिति को जनवरी महीने में अंतिम बार धागा मिला था और पैसा भी बुनकरों को जनवरी माह में मिला था। गांव में बुनकरों का भवन भी बना है, जिसमें बुनकरों के बनाए गए भवन में 18 हाथकरघा मशीन है। इसमें 8 बुनकर ही काम कर रहे हैं। कोरोना वायरस में लॉकडाउन की वजह से 22 मार्च से काम बंद था, अब 23 अप्रैल से बुनकरों का काम शुरू किसरख् जेकिल धागा की किल्लत की वजह से परेशानी बढ़ गई हैं। जय बगरूम देव बुनकर समिति से 60 बुनकर जुड़े हैं, जो अपने घर में हाथकरघा से कपड़ा बनाते हैं लेकिन इन्हें नवंबर माह में ही धागा मिला है। इसके बाद धागा नहीं मिल पाया, जिससे आधे से ज्यादा लोग काम छोड़ चुके हैं।

कई लोगों के पास खेती भी नहीं
गांव में कई बुनकरों का जीविका यापन सिर्फ हाथकरघा से ही चलता है। कोई कृषि भूमि भी नहीं है। माह में 5 से 6 हजार तक की आमदनी हाथकरघा से हो जाती है। धागा नहीं मिलने से काम बंद हो गया है। कमलाबाई देवांगन ने कहा उसके पास धागा सिर्फ चार दिन तक के लिए ही बचा है। इसके बाद उसके लिए परेशानी बढ़ जाएगी। नंदकुमार देवांगन, कोमल देवांगन, रामाधार देवांगन, सरिता सलाम, कौशिल्या देवांगन व भेषबाई देवांगन ने कहा उनके पास सिर्फ सप्ताह भर के लिए ही धागा है। शासन को धागा उपलब्ध कराना चाहिए।

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