कोरोना संक्रमण के इस दौर में SEX कितना सुरक्षित….

लाकडाउन के दौर में अचानक कंडोम की मांग राशन की तरह हो गई

-डॉ.निर्मल कुमार साहू

“हम तुम इक कमरे में बंद हों
और चाबी खो जाए….”

फिल्म बाबी का यह गीत आज भी हर जवां दिलों के होठों पर थिरकता रहता है।
बस इस बार चाबी खोने की जरूरत नहीं रह गई है, लाकडाउन के इन दिनों में घर में कैद जोड़ों को प्यार का बेशुमार पल मिल गया है। इन जवां दिलों के देह मिलन के मौके तो हैं ही, साथ ही सवाल भी कि क्या इस वक्त सेक्स सुरक्षित होगा ?

राजधानी रायपुर से एक खबर है कि अचानक कंडोम की मांग राशन की तरह हो गई है। लोग बड़ा पैकेट खरीद रहे हैं चाहे राशन हो या फिर कंडोम। आहार , निद्रा, भय मैथुन हर जीव की नैसर्गिक प्रवृत्ति है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में एकांत पाते ही ये चारों प्रवृत्तियां अचानक तेज हो गई हैं।

पकवान बन रहे हैं। छककर खाने के बाद जमकर नींद भी ले रहे हैं, तो डर भी बना हुआ है कि आगे कितने दिनों बाद राहत-चैन नसीब होगा। एकांत के पलों में सुरक्षित देह संबंध भी हो रहे हैं, बिक रहे कंडोम यही कहते हैं। लेकिन क्या इस वक्त कंडोम का उपयोग उन्हें सुरक्षित रख पा रहा है। वे कितने महफूज हैं यह सवाल भी उठ खड़ा होता है।

नियोजित परिवार के लिए, यौनजनित रोगों के संक्रमण से बचने कंडोम एक कारगर साधन है। कोरोना का लक्षण चूंकि देर से दिखाई देता है तब क्या सेक्स कर चुके जोड़े जाने अनजाने संक्रमित नहीं होंगे। क्या जोड़ों को संयमता दिखानी होगी, इस आपदा के टल जाने तक?

इस तरह के बहुत कुछ सवाल जिस पर चर्चा होनी चाहिए। लोगों को इसकी भी जानकारी होनी चाहिए कि इस संक्रमण काल में सेक्स कितना सुरक्षित रह गया है, क्या सावधानी बरतें, किन चीजों पर ध्यान दे।

अमरीका के न्यूयार्क के लोक स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने यौन गतिविधियों को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं जिसमें साफ साफ कहा गया है कि वे क्या करें और क्या न करें। इसमें जहां तक हो सके यौन संपर्क से बचने और संयमता बनाए रखने के निर्देश हैं। वहीं केवल अपने भरोसेमंद साथी से यौन संपर्क की सलाह दी गई है।

देश टीवी ने इस संबंध में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के व्याख्याता और वर्तमान में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड व राज्य होम्योपैथी बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला से चर्चा की। वे कहते हैं-

सेक्स तनाव कम करता है,
सेक्स मनुष्य से लेकर पशु-पक्षियों की स्वभाविक जरूरत है। 21 दिनों के लाकडाउन के लंबी अवधि में जब लोगों में कोरोना के प्रति बेचैनी और तनाव है तब सेक्स इस मानसिक तनाव को कम करने और आनंद का बेहतर साधन हो सकता है।

सुरिक्षत सेक्स
कोरोना संक्रमण के कारणों और संक्रमण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान दौर में सुरक्षित सेक्स के बारे में भी लोगों में उत्सुकता है। इस बीच देश और दुनिया से यह खबरें आ रही है कि दुनिया के बाजारों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम में प्रभावी मास्क, सेनेटाइजर के साथ कंडोम की भारी मांग और बिक्री बनी हुई है।

कोरोना से बचाव…..
कंडोम एड्स, एचआईवी और अन्य यौन रोगों के बचाव गर्भनिरोधक सुरक्षित सेक्स में मददगार हो सकता है लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान होने वाले शारीरिक संबंध बनाने पर कोरोना के बचाव में कतई कारगर नहीं है।

कब बनाएं देह संबंध
हालिया दौर में शारीरिक संबंध तभी बनाया जाए जब पार्टनर कोरोना संक्रमण के लक्षणों से पूर्णरूपेण मुक्त हो और संक्रमित व्यक्ति अथवा किसी सतह के संपर्क में न आया हो। यदि कोई भी पार्टनर इस संक्रमण से संक्रमित हो तो उसके हाथों से यह संक्रमण यौन अंगो, वैजाइनल फ्लूइड, वीर्य और मुंह, नाक व आंखों के द्वारा दूसरा पार्टनर भी संक्रमित हो सकता है।

ओरल सेक्स से बचें
चूंकि कोरोना वायरस लार और ड्राॅपलेट के द्वारा फैलता है इसलिए यदि पार्टनर में कोविड संक्रमण के लक्षण हैं तो चुंबन और शारीरिक संबंध, ओरल सेक्स से बचना बहुत जरूरी है। ऐसी स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग व आइसोलेशन का पालन करना अनिवार्य है। शारीरिक संबंध के दौरान आवश्यक साफ – सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

इसलिए भी बिक रहे कंडोम
वैसे कंडोम की बढ़ती बिक्री के बीच यह भी जानकारी मिली है कि कुछ लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कंडोम का उपयोग इसे ऊंगली में पहनकर लिफ्ट के बटन दबाने, कार के दरवाजे की हैंडल और घरों के दरवाजे – खिड़कियों के हैंडल व नाब को छूने में कर रहे हैं।

पार्टनर के प्रति ईमानदार बनें
बहरहाल लाकडाउन के इस दौर में शारीरिक संबंध तभी बनाएं जब पार्टनर हर प्रकार के संक्रमण से मुक्त हो और इस समय अपने साथी के प्रति ईमानदारी निभाएं और गैर महिला या पुरुष से सेक्स से बचें।

सावधानी ही सुरक्षा
सावधानी से ही सुरक्षा संभव है, सुरक्षित सेक्स के लिए कंडोम पर भरोसा करने के पहले इन सब सावधानियों पर ध्यान देना जरूरी है।