Video:सांसद सोनी का आरोप,प्रदेश सरकार प्रचार की भूख में वैक्सीनेशन अभियान हुई चौपट

मुख्यमंत्री भूपेश ने केंद्र सरकार पर वैक्सीन समय पर नहीं देने का लगाया आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 18+ वैक्सीनेशन की घोषणा के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई है। प्रदेश की सत्ताधारी दल कांग्रेस जहां सारा आरोप केंद्र सरकार पर डाल रही है तो वहीँ प्रदेश का प्रमुख विपक्षी दल भाजपा सारा ठीकरा राज्य सरकार के मत्थे फोड़ता नजर आ रहा है। 

देश के सभी राज्यों में अब वैक्सीन लगाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। वैक्सीन का उत्पादन कम और लगाने वालों की संख्या काफी अधिक हो गई है।  यही कमोबेश हालत भी छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रही है। 

उप्र में 3 महिलाओं को कोविड वैक्सीन की जगह दिया एंटी-रेबीज वैक्सीन

आपको बता दें कि 16 जनवरी 2021 से भारत के फ्रंटलाइन वर्कर व स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड वैक्सीन लगने की शुरुआत हुई। लगभग डेढ महीने तक फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन लगती रही, आंकडों के मुताबिक लगभग 35 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को इस दौरान वैक्सीन लगाई गई। 1 मार्च से 60 साल से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगने की शुरुआत हुई, 1 अप्रैल से 45 साल से अधिक आयु के लोगों को भी वैक्सीन लगाया जाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद 1 मई से 18 से 45 आयु वर्ग के सभी लोगों को वैक्सीन लगाया जाने लगा, महज दस दिन के भीतर ही देशभर में वैक्सीन सेंटर में लंबी कतारें लगते दिखाई देने लगी। सुबह 6 बजे से ही लोग कतार में खड़े होने लगे, इतनी बड़ी आबादी के लिए भारत में वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। ऐसा कतारों को देखकर लगता है। 

अब आते हैं राजनीतिक बयानबाजी पर। छत्तीसगढ़ में 18+ वर्ग के लिए राज्य सरकार ने एक एप्प CGTEEKA लॉन्च किया। फिर क्या था इसमें और टीकाकरण के बाद दिए जाने वाले सेर्टिफिकेट पर CM  भूपेश के फोटो दिखाई दिए। जिसके बाद भाजपा ने इस को लेकर कांग्रेस की जमकर खिंचाई शुरू कर दी। 

 जान-बूझकर टीकाकरण में देरी-सोनी 

रायपुर से भाजपा सांसद सुनील सोनी ने कहा कि लाल-पीले-नीले आदि कार्ड के बहाने कांग्रेस सरकार इसलिए जान-बूझकर टीकाकरण में देरी कर रही थी क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के फ़ोटो वाला पोर्टल नहीं बन पाया था। सांसद सोनी ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन की कमी ना हो इस लिए आबकारी मंत्री ने शराब की हर बोतल पर 20 रुपये सेस वसूला है। ऐसे में वैक्सीनेशन के पेपर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ आबकारी मंत्री कवासी लखमा की भी फोटो होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण के इस भयावह काल में भी अपने राजनीतिक स्वार्थों के प्रदर्शन से बाज नहीं आ रही है।

सांसद सोनी का साफ़ तौर पर कहना है कि आत्म-प्रचार कर वाहवाही बटेरने में लगी कांग्रेस सरकार प्रदेश के लाखों लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। इससे पहले इसी प्रदेश सरकार और उसके स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने वैक्सीन को लेकर प्रदेश को ग़ुमराह करने की कोशिश की थी और इसके चलते प्रदेश में लगभग ढाई लाख वैक्सीन बर्बाद कर दी गई। 

सोनी ने ये भी कहा कि इस बार 18-44 वर्ष आयुसीमा के लोगों के वैक्सीनेशन के काम को आरक्षण के नाम पर पलीता लगाने में प्रदेश सरकार ने कोई क़सर बाकी नहीं रखी और लगभग एक लाख वैक्सीन वायल के जाम करके रख दिया। आज भी प्रदेश में षड्यंत्रपूर्वक वैक्सीनेशन के काम विलंबित करके लोगों को तड़के सुबह से लाइन लगाने को मज़बूर किया और फिर भी लाइन में घंटों लगे रहने के बाद भी काफ़ी संख्या में लोगों को बिना टीकाकरण के बैरंग लौटना पड़ा। यह बड़े दुर्भाग्य कि बात है कि जब तक मुख्यमंत्री बघेल के फोटो वाला पोर्टल बन नहीं गया तब तक प्रदेश सरकार ने वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होने दिया! 

सुनील सोनी ने कहा कि कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र ही ऐसा है कि जब भी देशहित और लोकहित की बात हो, कांग्रेस इसी तरह की घटिया राजनीति करती है। कश्मीर, सर्जिकल/एयर स्ट्राइक, सीएए, डोकलाम, आदि इसके अनेकानेक उदाहरण हैं। अब प्रदेश की कांग्रेस सरकार कोरोना की रोकथाम और वैक्सीनेशन के काम में अपने इसी राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। श्री सोनी ने कांग्रेस सरकार को हिदायत दी कि वह प्रदेश के लोगों की जान की क़ीमत पर ऐसी राजनीति करने से बाज़ आए। 

अब वैक्सीनेशन पर राजनीति चल रही तो प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल भी कैसे चुप रहते। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीधा तीर पीएम मोदी पर दे मारा।

केंद्र की वैक्सीनेशन योजना फेल-भूपेश 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वैक्सीनेशन को लेकर अपनी साफगोई दिखाई है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि वैक्सीनेशन के लिए सबसे ज्यादा राज्य को रकम की जरूरत होगी और इसके लिए केंद्र सरकार को सहायता करना होगा। देश में सभी राज्य अपनी अपनी भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि  वैक्सीनेशन की शुरुआत में फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्कर को जिस तरह से वैक्सीनेशन की सुविधा दी थी, उसी प्रकार अब आम जनता के लिए भी केंद्र सरकार को ध्यान देना होगा। लेकिन केंद्र सरकार ने सारा दारोमदार राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। यही कारण है कि अब राज्य सरकारों ने भी फैसला ले लिया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपने प्रदेशवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैक्सीनेशन करने का ठान लिया है।

CM बघेल ने कहा यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि समय पर वैक्सीन की उपलब्धता केंद्र सरकार के द्वारा नहीं की जा रही है। यही कारण है की नागरिकों का समय पर टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि टीकाकरण के लिए योजनाबद्ध तरीके से केंद्र सरकार को काम करना होगा। दूसरी लहर में ही बहुत ज्यादा चिंतनीय स्थिति देशभर में बन गई थी। अब तो वैज्ञानिक तीसरी लहर की बात भी कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सभी प्रदेश सरकारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसलिए केंद्र सरकार को इस ओर ध्यान देना बेहद ही जरूरी है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देशभर में 1 मई से 18 साल से 44 साल आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन लगने की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा और इसी आधार पर ही छत्तीसगढ़ सरकार ने भी पूरी तैयारी कर ली। लेकिन समय पर वैक्सीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण ही स्थिति बिगड़ती चली गई। प्रदेश में 18+ के लिए वैक्सीनेशन का दो खेप आया है। लेकिन आर्डर समय पर दिए जाने के बावजूद अगला खेप कब आएगा यह वैक्सीन निर्माता कंपनी और भारत सरकार दोनों ही नहीं बता पा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन की उपलब्धता के लिए भारत बायोटेक और सिरम कंपनी को ऑर्डर दिया गया है। जो करीब सवा करोड़ टीका का है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासन के निर्देशानुसार ही प्रदेश में वैक्सीन भेजा जा रहा है ऐसी ही हालात रहे तो वैक्सीन समय पर लगना मुमकिन नहीं होगा। सबसे बड़ी बात उन्होंने बताई की केंद्र सरकार के निर्देश के बाद ही 50 फीसदी वैक्सीन निर्माता कंपनी राज्य को भेजता है। यही कारण है कि प्रदेश में लोगों को काफी दिक्क्तें हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी सरकार की कार्ययोजना के बलबूते सभी नागरिकों को कोरोना का कवच टीका तो जरूर लगेगा। 

राजनीति में पीसती जनता 

भारत के सभी राज्यों के सामने कोरोना से निपटने के लिए सबसे बड़ी चुनौती दिखाई दे रही है और इस चुनौती से निपटने के लिए वैक्सीनेशन को सबसे ज्यादा जरूरी भी माना जा रहा है। विशेषज्ञों की माने तो कोरोना के कवच के रूप में वैक्सीनेशन काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में अब राजनेताओं को सरे गीले शिकवे भूलकर और राजनीति से एक कदम उठकर टीकाकरण को महत्त्व देना होगा। तभी देश और प्रदेश का हर नागरिक सुरक्षित होगा और प्रदेश समृद्धशाली भी बनेगा।

देंखे वीडियो-सांसद सुनील सोनी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोप-प्रत्यारोप 

 

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