सूबे के मुखिया भूपेश बघेल की हिदायत पर अमल इस तरह कर रहे अफसर

एनजीओ के सहारे मजदूरों को मिल रही मदद

रायपुर। केंद्र की भारतीय जनता पार्टी वाली सरकार और सूबे की कांग्रेस सरकार भले ही खुद को गरीब, शोषित और मजदूर वर्ग का हितेषी बताने का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन देशभर के तमाम शहरों से मजदूरों के पैदल ही सैकड़ों मील चलकर अपने घर पहुंचने की खबरें सामने आ रही है। भूख-प्यास की मार झेलते ये मज़दूर जिंदगी और मौत से लड़ते हुए बस अपने आशियानें तक पहुंचना चाहते है।

जो तस्वीर आप देख रहे है ये राजधानी रायपुर की है। मजदूरों का यह झुंड रायपुर से ओडिशा जाने के लिए पैदल निकल पड़े, वो भी तब जब प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बक़ायदा इसके लिए फरमान ज़ारी कर रखा है।

सूबे के मुखिया ने अफसरों को ये सख़्त हिदायत दी है कि प्रदेश से या प्रदेश में कोई भी मजदूर पैदल चलकर 1 मील की दूरी भी तय नहीं करेगा। उनके लिए आवागमन के यथासंभव संसाधन सरकार द्वारा जुटाए जाएंगे।

मजदूरों को उनके वर्तमान शहर स्थान से उनके गृह राज्य की सीमा तक छोड़ने की पूरी व्यवस्था राज्य सरकार के द्वारा की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री के इस आदेश की धज्जियां हर रोज उड़ रही है।

ताजा मामला रायपुर के टाटीबंध का है जहां से ओडिशा जाने के लिए 15 मजदूरों का एक झुंड निकला। पहले तो उन्हें पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों एक ट्रक में बिठाकर ओडिशा तक भेजने का प्रबंध कर दिया, लेकिन ट्रक चालक ने टाटीबंध से निकलकर भाटागांव पहुंचने के बाद उन सभी मजदूरों को उतार दिया।

बड़े भाई अभिषेक झा का अभी-अभी फोन आया था। बता रहे थे कि करीब 15 मजदूर, जिन्हें ओड़िसा जाना है, पचपेड़ी नाका ओवर ब्रीज के…

Praphull Thakur यांनी वर पोस्ट केले शुक्रवार, १५ मे, २०२०

अब अधर में लटके ये मज़दूर सरकार और अफसरों को कोसते हुए अपने घर पैदल ही रवाना होने का मन बनाकर आगे बढे। जैसे तैसे यह मजदूर भाटा गांव से लेकर तेलीबांधा तक पहुंचे लेकिन एक बार फिर वर्दी और अफसरों की टीम ने उन्हें झिड़ककर रोक दिया।

लाठी और कानून के दम पर इन मजदूरों को फिर समझाइश दी गई कि आप इस तरह नहीं जा सकते। इनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करना इन अफसरों ने लाजमी नहीं समझा।

सोशल मीडिया आगे आया
तेलीबांधा ओवर ब्रिज के नीचे रुके इन मजदूरों की तस्वीर महज़ कुछ मिनटों में ही सोशल मीडिया पर तैरने लगी। सोशल मीडिया के ज़रिए ही यह संदेश पहुंचा मनजीत कौर बल के पास। मनजीत कौर बल वही है जो अब तक लॉक डाउन में लगातार मजदूरों को भोजन कराना, उनके रहने खाने की व्यवस्था करना और उनके गृह राज्य की सीमाओं तक उन्हें पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था करने का काम लगातार कर रही हैं।

हाल ही में उनके इस काम काज के लिए सीएम के सलाहकार रुचिर गर्ग ने उनकी तारीफ़ कर पीठ भी ठोकी थी। शहर के पत्रकारों के माध्यम से इन मजदूरों को तेलीबांधा थाने के पीछे छोटी रेल लाइन वाले ओवर ब्रिज के पास से बिठाकर ओडिशा की सीमा तक छोड़ने के लिए बस की व्यवस्था कराई गई है। यह व्यवस्था सरकार ने नहीं बल्कि उसी मनजीत कौर बल ने कराई है, जिसने कभी इस सिस्टम से अकेले ही लोहा लिया था।

गुजरात से भी लौट रहे मज़दूर
गुजरात से 36 मजदूर आज सुबह पंडरी बस स्टैंड पहुंचे। ये सभी मजदूर ओडिशा के भुवनेश्वर जाने के लिए निकले हैं। इन मजदूरों को उनके कार्यरत संस्था द्वारा ही बस के माध्यम से रायपुर तक भेजा गया। ये मजदूर रायपुर से ओडिशा के लिए वाहन व्यस्था में लगे थे उसकी जानकारी पुलिस और जिला प्रशासन को हुई जिसके बाद उन्हें ओडिशा भेजने की व्यस्था की जा रही हैं।

मजदूरों ने बताया कि वो सारे लोग गुजरात में मजदूरी करने गये थे और लॉकडाउन की वजह से उनका काम बंद हो गया और पैसे खत्म हो चुके थे। जिससे सभी मजदूरों ने अपने-अपने घर जाने का निर्णय लिया और गुजरात में काम कर रही संस्था ने मजदूरों के निर्णय का सम्मान करते हुए बस की व्यस्था की।

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