Video:बुजुर्ग को आधार कार्ड में बना दिया गया जवान,वैक्सीनेशन में आ रही दिक्क्त

कलेक्टर ने शिकायत दूर करने 15 नए आधार केंद्र किये शुरू

धर्मेंद्र महापात्र,नारायणपुर | विधाता और विज्ञान के पास भले बुजुर्ग को जवान बनाने की तरकीब हो न हो पर नारायणपुर के सरकारी कर्मियों ने ये करतब बड़े ही आसानी से कर दिखाया है। आधार कार्ड में नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ बुजुर्गों को जवान दर्शाया दिया गया है। जिस वजह से अब इलाके के बुजुर्ग कोरोना का टीका नहीं लग पा रहें है। 

दरअसल, बस्तर में करीब 4 हजार वर्ग किमी से अधिक का इलाका अबूझमाड़ में आता है। इस इलाके के कुरुसनार के सरकारी शिविर में वनवासियों के बनाये गए आधार कार्ड में ज्यादातर लोगों की जन्म तारीख एक जनवरी दर्ज है। आदिवासियों में जन्मदिन की संस्कृति न होने से उन्हें अपनी जन्म तारीख नहीं मालूम रहती,इसलिए आधार कार्ड बनाने वालों ने इलाके के सभी बजुर्गो की जन्मतिथि अंदाज से एंट्री कर दी। लगता है कि आधार कार्ड बनाने वालों ने मनमर्जी से तारीखें दर्ज कर खानापूर्ति कर दी है। अब ऑपरेटर की गलती का खामियाजा क्षेत्र के आदिवासी भुगतने को मजबूर है। 

इसकी जानकारी इलाके के ग्रामीणों को तब लगी जब वे कोविड टीकाकरण के लिये केंद्र पहुंचे। जिले के कोहकामेट टीकाकरण में पोते के साथ टिका लगवाने गए दादा दौडराम को आधार कार्ड में उनकी जन्म तिथि 01 जनवरी 1980 दर्ज होने के कारण बैरंग लौटना पड़ा। ऐसे केवल दौड़राम ही नहीं कई अन्य लोग भी हैं. जो गलत जन्मतिथि के कारण टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। 

अबुझमाड़िया समाज के अध्यक्ष ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर इन त्रुटियों को जल्द ठीक करने की मांग की है। वहीँ नारायणपुर कलेक्टर धर्मेश साहू को जब मीडिया के माध्यम से इन खामियों का पता चला तो उन्होंने बिना देर किये इस तरह की खामियों को केन्द्रों में जाकर ही सुधारने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि नए आधार कार्ड बनाने व त्रुटि सुधार के लिए क्षेत्र में 15 नए आधार केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। जिससे बुजुर्ग ग्रामीणों को टीकाकरण में अब दिक्क्त नहीं होगी। साथ ही दूसरे कार्यों के लिए भी नया आधार कार्ड उपयोगी साबित होगा। 

अबूझमाड़ में टीकाकरण के दौरान दर्ज तिथि और सामने मौजूद कार्डधारी को देख सच्चाई जानने के बाद टीकाकरण करने वाले कर्मी हतप्रभ रह गए। पर ये कर्मी करें तो क्या करें, आखिरकार वो नियम से तो बन्धें हैं।