Video:स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कोरोना मरीज की जनकारी नहीं मिलने से परिजन परेशान

मरीज का गलत नाम एंट्री, स्वास्थ्य विभाग मौन

रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बेलगाम कोरोना ने सभी को परेशान कर रखा है। स्थिति यह कि थोड़ी भी स्वास्थ्यगत दिक्कतों को देखते ही लोग खासे परेशान हो रहे हैं और सीधे अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं। 

शहर के सभी शासकीय अस्पताल में मरीजों के लिए आज की स्थिति में बिस्तरों की कमी है। यही कमोबेश हालात निजी अस्पतालों का भी है। ऐसे में शासन की ओर से राजधानी में Covid के लिए कुछ अस्पतालों को चिन्हित किया गया है,जहां कोरोना के सिम्टम्स के पाए जाने वाले मरीजों को रखा जा रहा है। लेकिन यहां भी स्थिति इतनी अच्छी नहीं दिखाई दे रही है। जैसा कि इस वीडियो के माध्यम से जानकारी मिली है।

ये है मार्मिक वीडियो 

सोशल मीडिया में आज एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें शंकर नगर के खम्हारडीह में रहने वाली अंजली बरमाल अपनी 55 वर्षीय भाभी निर्मला बरमाल को फुंडहर अस्पताल में 9 अप्रैल शुक्रवार को भर्ती करवाया गया था। मरीज की ननद अंजलि ने बताया कि 10 अप्रैल से लेकर 14 अप्रैल तक निर्मला के परिजनों को फुंडहर अस्पताल के चिकित्स्कों ने जानकारी दी कि वह स्वस्थ हैं और उनका इलाज जारी है। लेकिन मरीज से परिजनों की बात भी नहीं करवाई गई,जबकि मरीज के पास मोबाइल भी था। बुधवार शाम को परिजनों के दबाव डालने के बाद फुंडहर अस्पताल के प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल को ही उनकी भाभी निर्मला को अंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। आनन-फानन में परिजन अंबेडकर अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने खोजबीन शुरू की। लेकिन सबसे बड़ी विडंबना तो यह है की निर्मला के नाम से कोविड-19 सेक्शन में किसी मरीज का नाम ही रजिस्टर में अंकित ही नहीं है। बल्कि दूसरे मरीज का नाम फुंडहर अस्पताल से रेफर का दिखा रहा है।

मरीज न मिलने से परिजन परेशान 

परिजन ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि फुंडहर अस्पताल से परिजन का नाम ही गलत भेजा गया है। जिसकी वजह से खासी परेशानी का सामना उन्हें करना पड़ रहा है। अंजलि ने बताया कि अपनी भाभी को भर्ती किए पूरे 7 दिन हो चुके हैं। लेकिन अब तक कोई अता पता नहीं मिलने के कारण परिजन खासे परेशान हैं।

अंबेडकर अस्पताल में पीड़ित महिला इधर उधर भागती मिली तब एक पत्रकार ने जब उनसे भागम भाग का कारण पूछा तो यह बात सामने आई। शायद यह पहला परिजन नहीं होगा जो अपने पीड़ित के लिए परेशान दिखाई दे रहा है। ऐसे कई परिजन होंगे जो मरीज को लेकर इधर से उधर भाग रहे होंगे। कारण कई होंगे लेकिन स्वास्थ्य विभाग की एक गलती ने एक परिवार को खासी परेशानी में डाल दिया है। एक ओर कोरोना संक्रमण से बढ़ते मौत से लोग काफी घबराए हुए हैं ऐसे में लोगों की शंकाएं भी बढ़ जाती हैं। 

राजधानी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण जहां स्वास्थ्य अमला परेशान हैं तो वहीं मरीज के परिजन भी काफी परेशान हैं। लेकिन ऐसे समय में स्वास्थ्य अमले को भी संयम रखते हुए काम करना होगा। जिससे इस तरह की परेशानी किसी परिजन या मरीज को झेलना न पड़े।