मज़दूर : घऱ पहुंचने 15 दिन में तय किया बैंगलौर से बैकुंठपुर का सफर

बैंगलोर से पैदल आ रहे 9 मजदूरों को जाना था झारखंड

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बैंगलोर से पैदल यात्रा कर पहुंचें मजदूरों को स्थानीय लोगों ने आगे बढकर मदद की है। उन्हें खाने की चीजें मुहैया कराई, बाद में प्रशासन की मदद से उन्हें एक ट्रक में बिठा कर रवाना किया। जिसके बाद थकेहारे मजदूरों ने सभी का हाथ हिला कर अभिवादन कर खुशी खुशी रवाना हो गए।

रविवार को बैंगलोर से पैदल चल कर 9 मजदूर कोरिया जिलामुख्यालय पहुंचें। सभी के चेहरे पर थकान साफ देखी जा सकती थी। घडी चौक पर बैठे मजदूरों पर आसपास के लोगों की नजर पडी, जिसके बाद उनकी मदद के लिए कई हाथ आगे बढे, जो भी मदद हो सकती है, हर कोई आगे बढकर उनकी मदद की।

कोई पानी पीला रहा था तो कोई उनके लिए खाने की चीजें लाकर दे रहा था, इधर, इसकी जानकारी बैकुंठपुर एसडीएम एएस पैकरा को दी गई। उन्होनें मजदूरों को वाहन से अम्बिकापुर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए,

उन्होनें नायब तहसीलदार भीष्म पटेल को इसकी जिम्मेदारी सौपी, वहीं यातायात प्रभारी ने घडी चौक से निकलने वाले वाहनों को रोक कर झारखंड जाने को लेकर पूछताछ शुरू कर दी। कुछ समय बाद एक ट्रक जो अम्बिकापुर जा रहा है,

मजदूरों को ले जाने के लिए तैयार हो गया। नायब तहसीलदार श्री पटेल ने मजदूरों के साथ ट्रक के ड्रायवर से बात की, जिसके बाद सभी को ट्रक के उपर बिठा कर रवाना कर दिया गया। वाहन मिलते ही पैदल चल कर आ रहे मतदूरों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस अवसर पर गौ रक्षा वाहिनी के अन्नु दुबे, कांग्रेस के युवा नेता दीपक गुप्ता, अमित श्रीवास्तव, के साथ काफी लोग मदद के लिए आगे आए।

1600 किमी का सफर
बैंगलोर से पैदल चल कर आ रहे मजदूर झारखंड जा रहे थे, मजदूरों ने बताया कि बैंगलोर में उन्हेें खाने और रहने की समस्या हो रहा थी, 15 दिन पहले सभी 9 मजदूरों ने बैगलोर से पैदल झारखंड के गढवा जाने का फैसला किया, अब लगभग 250 किमी यहां से दूरी बाकि है।

रात दिन पैदल चल कर वो बैकुंठपुर पहुंच गए, अब यहां से उन्हें किसी ने बताया कि वाहन की व्यवस्था प्रशासन कर सकता है, जिसके बाद सभी घडी चौक पर रूक गए थे।