गौरेला उपजेल पहुंचे अमित जोगी, डॉक्टरों की टीम ने बताया फिट

अमित ने राजनैतिक षड्यंत्र की बात दोहराई बोले सच आएगा सामने

रायपुर। चार सौ बीसी के मामलें में जेल भेजे गए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को अस्पताल से गौरेला उपजेल पहुंच गए है। जूनियर जोगी को आज राजधानी के निजी अस्पताल से डिस्चार्ज उन्हें वापस गौरेला उपजेल लाया गया। जहाँ उनका चिकित्स्कीय परीक्षण करने पर फिट बताया गया है।
रायपुर में अस्पताल से जेल दाखिले होने के पहले जूनियर जोगी कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। अमित ने तल्खी से कहा कि मुझे एपिलेप्सी डिस ऑर्डर(मिर्गी) है, लेकिन सरकार मुझे तंदरूस्त और फिट बता रही है। उन्होंने मेरे आग्रह पर आज मुझे डिस्चार्ज किया गया, अगले एक सप्ताह तक लगभग मैं चल फिर नहीं पाऊंगा। जोगी ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें तक़रीबन हफ्तेभर तक व्हीलचेयर पर चलने और बेड रेस्ट करने की नसीहत दी है।

इस मामलें में फ़र्ज़ी दस्तावेज़ से जुड़े सवाल के जवाब में जूनियर जोगी ने कहा कि मुझे षड्यंत्र पूर्वक फँसाया जा रहा है। अमित ने कहा कि मेरी तबियत को लेकर जिन्होंने कोर्ट को आधी अधूरी रिपोर्ट सौंपी है, उसके मुताबिक़ तो मैं ओलंपिक में दौड़ने भागने के लिए भी फिट और तैयार हूँ। इस तरह की आधी अधूरी और गलत रिपोर्ट सौंपने वालों को कोर्ट में घसीट कर लेकर जाऊँगा और अपने वकीलों से कहा हूं कि इस पर अवमानना का केस लगाएं। उन्होंने कहा कि मुझे कोर्ट पर भरोसा है कि वहां से न्याय ज़रूर मिलेगा।

नहीं मांगी गई थी जानकारी
अमित जोगी मिडिया से चर्चा के दौरान ये भी दावा किया है कि जिस चुनाव को लेकर सियासी बखेड़ा खड़ा किया जा रहा है उसमे ऐसा कुछ भी नहीं। अमित ने कहा कि मरवाही सीट से वर्ष-2013 में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में जन्मतिथि या स्थान की जानकारी नहीं मांगी गई थी। ऐसे में जो जानकारी मांगी ही नहीं गई थी, उसे देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जन्म स्थान और स्थल को लेकर झूठा प्रचार किया गया है। अमित ने यह भी कहा कि वे संघर्षशील परिवार से हैं। देर-सवेर सच्चाई सामने आ जाएगी। जो लोग मेरे पिता का व्हील चेयर में पुतला बनाकर जला रहे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि राजनीति पांव से नहीं, दिल से की जाती है।