Big News : पांच बरस से हथगोले को लोहे का सामान समझा, ठोकते ही फटा और…

पुलिस-नक्सलियों में मुठभेड़ के बाद किसान के हाथ लगा था हथगोला

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के नांदगांव जिले की सरहद से लगे महाराष्ट्र के घोर नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली के कांदोली में हथगोला फटने से किसान की मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई गंभीर रुप से जख्मी हो गए इनका घायलों का गढ़चिरौली में उपचार चल रहा है। बताया गया कि पांच साल पहले उसने यह हथगोला जंगल से अपनी झोपड़ी में लाया था। घटना महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एटापल्ली क्षेत्र के नक्सलग्रस्त कांदोली गांव की है। बताया गया कि घटना कल शाम घटी जब किसान अपने भाइयों के साथ धान की मिंजाई कर रहा था।
मृत किसान लुला रानू मडावी अपने दो भाईयों रमेश करपा मडावी और प्रकाश रानू मडावी के साथ कल दोपहर को खेत में धान की मिंजाई कर रहा था। इस दौरान खेत में बने झोपड़ी में अचानक हैंडग्रेनेड फट गया। जिसके चलते लुला रानू मडावी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके भाई विस्फोट के चपेट में आने से जख्मी हो गए। बताया गया कि पांच साल पहले इस गांव में पुलिस-नक्सलियों में मुठभेड़ हुई थी। इसी दौरान जंगल में एक बिना फटा हथगोला रह गया था जो इस किसान के हाथ लग गया था वह अपने साथ ले आया था। वह उसे लोहे का सामान समझ अपनी झोपड़ी में रख दिया था। कल वह काम करते इस हथगोला को ठोकने लगा। हथगोला जिंदा था और जोरदार धमाका हुआ और उसकी वहीं मौत हो गई। वहीं झोपड़ी के पास काम कर रहे उसके दोनो भाई जख्मी हो गए।

हादसे की होगी जाँच
घटना के संबंध में गढ़चिरौली पुलिस पीआरओ प्रशांत दिवाते ने बताया कि हादसा कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। घायलों को गढ़चिरौली अस्पताल में दाखिल कराया गया है। बताया जाता है कि 2014 में गांव में पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटना हुई थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उस दौरान बड़े पैमाने पर घातक विस्फोटक बरामद किया था। संभवत: उक्त ग्रेनेड उसी दौरान पुलिस की नजर से बच गया था। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक ने मुठभेड के बाद से ही ग्रेनेड को अपनी झोपड़ी में रख लिया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।