द रेडियंट वे स्कूल हादसे का कलेक्टर करेंगे जांच,सीएम भूपेश ने दिए निर्देश

स्कूल की मान्यता जो सकती है रद्द

रायपुर | द रेडियंट वे स्कूल में एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान हुए हादसे की जाँच अब कलेक्टर करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्कूल हादसे पर गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री को घायल बच्ची के पलकों ने आज जनचौपाल के दौरन इस घटना की सुचना दी। साथ ही पलकों ने स्कूल प्रबंधन द्वारा एडवेंचर स्पोर्ट्स के दौरान किसी भी प्रकार के सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं करने की भी जानकारी दी। जिसे सीएम ने बड़े ही गंभीरता के साथ लिया और तुरंत ही रायपुर कलेक्टर डॉ इस भारतीदासन को इस घटना के लिए जाँच की जिम्मेदारी दी।

उल्लेखनीय है की मंगलवार को द रेडियंट पब्लिक स्कूल में एडवेंचर गेम्स का आयोजन किया नगया था। स्कूल प्रबंधन ने प्रत्येक बच्चे से एक हजार रूपये की फीस भी ली थी। इस दौरान बच्चे को 25 फ़ीट ऊपर से रस्सी में हुक फसाकर निचे लाना था। लेकिन हुक बेल्ट खुल जाने से बच्ची कार्तिशा त्रिवेदी जो चौथी कक्षा की छात्र थी वो सीधे निचे आकर गिर गई। जिससे बच्ची कार्तिशा त्रिवेदी को गंभीर चोट आई।

कार्तिशा की हालत में सुधार
कार्तिशा को चोट लगने के बाद रायपुर के एम्स हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। जहाँ चिकित्सको की टीम ने जाँच की। एम्स के अधीक्षक डॉ करण पिपरे ने बताया की मंगलवार की सुबह अस्पताल में लाया गया था । उस समय बच्ची की हालत थोड़ी गंभीर थी बच्ची घबराई हुई थी। उसके बाएं एड़ी की हड्डी में दर्द था। जब उसका पूरा इलाज किया गया तो उसके बाएं पैर की एड़ी की हड्डी में फेक्चर पाया गया है । अभी उसकी स्थिति अब पहले से काफी अच्छी है। साथ ही बच्ची अपने पालकों से भी बात कर पा रही है। डॉ ने कहा की बच्ची का पूरा इलाज निशुल्क किया जा रहा है।

स्कूल की मान्यता हो सकती है रद्द
जिला शिक्षा विभाग ने भी स्कूल की लापरवाही मानकर शिकायत पर जांच शुरू कर दिया है। रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर ने बीईओ गोस्वामी डक्स मौके पर भेजकर जांच के लिए कहा था। जिसके बाद बीईओ के साथ अन्य अधिकारी भी स्कूल पहुंचे और पुरे मामले की जाँच में जुट गए हैं। सबसे बड़ी बात सामने आ रही है की अडवेंचरस स्पोर्ट की सुचना डीईओ कार्यलय में भी सचुल प्रबंधन ने नहीं दिया था। जो सबसे बड़ी स्कूल की खामी मणि जा रही है। वहीँ जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर का साफ कहना है की यदि जाँच में किसी भी प्रकार की कमी पाई गयी तो स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है। वहीँ मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के खिलाफ सरस्वती नगर थाने में भी एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस भी मामले की तह तक जाने के लिए जाँच में जुट गई है।