NSUI के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव की दादागिरी, जवान को बेदम पीटा

पुलिस पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप

राजनांदगांव। एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव निखिल द्विवेदी के पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस के सूचना तंत्र के इस बड़े कक्ष में द्विवेदी के बेखौफ होकर जवान को पिटने पर विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे है। बताया जाता है कि पुलिसकर्मी अपने साथ हुए मारपीट की घटना के विरूद्ध हुई विभागीय कार्रवाई से नाखुश है। घटना सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजे की है। मिली जानकारी के अनुसार पीडि़त जवान मिलन साहू घटना की रात को कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर था। आधी रात को निखिल द्विवेदी ने फोन कर होटल राज इंपीरियल में विवाद होने की जानकारी दी। इसके बाद सिपाही मिलन साहू ने लालबाग थाना और पेट्रोलिंग पार्टी को सूचना दी।

                    पुलिस पार्टी ने मौके पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना नही होने की कंट्रोल रूम को सूचित किया। दोबारा फिर द्विवेदी ने फोनकर घटना होने का दावा किया। जवान द्वारा ऐसी घटना नही होने की जानकारी दी तब द्विवेदी ने फोन पर गाली-गलौच शुरू कर दी। थोड़ी ही देर में निखिल ने कंट्रोल रूम में धमकते हुए सीधे जवान के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरक्षक ने जब इसका प्रतिरोध किया तो द्विवेदी ने मारपीट शुरू कर दी। बताया जाता है कि कंट्रोल रूम में दूसरे कर्मियों ने बीच-बचाव किया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद अफसरो ने तत्काल कार्रवाई करने में सुस्ती दिखाई। बताया जाता है कि सरकारी कर्मी से बदसलूकी तथा शासकीय कार्य में बाधा ड़ालने की धारा के तहत कार्रवाई नही की गई। बताया जाता है कि सत्तारूढ़ दल से होने की वजह से भी आलाधिकारियों ने कार्रवाई में ढ़ीला रूख अख्तियार किया। बताया जाता है कि मारपीट के शिकार कर्मी ने भले ही अफसरो के डर से चुप्पी साध ली। लेकिन जवान कार्रवाई को लेकर नाराज हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले द्विवेदी पर डोंगरगांव में एक व्यापारी को साथियों के साथ मिलकर पिटने का पर भी पुलिस ने अपराध दर्ज किया था। बहरहाल पुलिस कंट्रोल रूम में घुसकर जवान को पिटने की घटना ने द्विवेदी के हौसलें को सत्तारूढ़ दल की राजनीतिक ताकत से जोड़कर देखा जा रहा है।