ऐसे में कैसे रूकेगा मवई नदी का अवैध रेत उत्खनन-परिवहन

ग्रामीण बोले-फोन नहीं उठाते अधिकारी, इधर अफसरों को शिकायत का इंतज़ार

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के भरतपुर जनपद क्षेत्र के मवई नदी के पुल के पास से अवैध रूप से रेत उत्खनन एवं परिवहन फिर से शुरू हो गया है, वही ग्रामीणों में अवैध उत्खनन को लेकर काफी रोष व्याप्त है। उन्होने ग्रामीण पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने फोन लगाया पर किसी ने रिसिव नहीं किया। अब खनिज अधिकारी कहते हैं उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। मामले को लेकर जिला खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन को इस बारे में कुछ भी मालूम नही है। उनसे जानकारी लेने पर उन्होने कहा कि हमारे खनिज निरीक्षक दौरे पर जा रहे है। जिसके बाद ही सही स्थिति के बारे में पता चल सकेगा उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी तक अवैध रेत उत्खनन व परिवहन की शिकायत नहीं मिली है।
वही जनपद अध्यक्ष सुखवंती सिंह का कहना हैं कि मैंने मामले को लेकर मुख्यमंत्री जी को भी पत्र लिखा था, परंतु अवैध रेत उत्खनन पर किसी भी तरह की रोक नही लग रही है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात एक बार फिर रेत माफिया अपने साथ 7 हाइवा और 2 जेसीबी लेकर ग्राम घुघरी स्थित मवई नदी पहुंचें, रात भर में उन्होंने रेत निकालने के लिए कच्ची सड़क बनाई और परिवहन का काम शुरू कर दिया, सुबह जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो घर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया है, ग्रामीण पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर थक गये किसी ने फोन नही उठाया।

पुराने को तोड़कर बनाया रास्ता
मवई पुल पर 2006 में एक पुल बना हुआ था, इसके बाद एक नया पुल बन गया, रेत माफियाओं ने पुराने पुल के एक हिस्से को तोड़ डाला, ग्रामीणों के अनुसार माफियाओ ने पुल को तोड़कर रास्ता बना दिया गया है, जिस से अवैध रेत को निकाला जा सकेगा।

भगवानपुर में भी जारी उत्खनन
उधर, भरतपुर के भगवानपुर क्षेत्र स्थित बनास नदी से अवैध रेत परिवहन जारी है, वन क्षेत्र आने के कारण खनिज विभाग कार्यवाही के लिए वन विभाग को पत्र लिख रहा है, परंतु राजस्व क्षेत्र में खनिज विभाग कार्यवाही करने आगे नही आ रहा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस की सरकार बनते ही भरतपुर जनपद क्षेत्र के प्रमुख नदियों से अवैध रेत उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है लेकिन इस दिशा में खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे है तथा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी किसी तरह की कार्यवाही नही हो रही है। इधर, विभागीय अधिकारियों को शिकायत का इंतजार है जबकि ग्रामीणों के द्वारा क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों कई बार शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक किसी तरह की कार्यवाही नही हुई।

हंगामे के बाद लगा था ब्रेक
बीते 6 सितंबर को लमवई नदी के पुल के पास रेत अवैध रूप से उत्खनन एवं परिवहन के कारण रेत परिवहन में लगे हाईवा वाहन की चपेट में आने से एक मकान के क्षतिग्रस्त हो गया था, जनपद अध्यक्ष सुखवंती सिंह और ग्रामीणों के हंगामे के बाद इस अवैघ उत्खनन पर ब्रेेक लग गया था। मामले में जनपद अध्यक्ष सुखवंती सिंह के मोर्चा संभालने के बाद पोकलेन मशीन को हटाने के लिए विवश होना पडा था।