मैदानी इलाकों में सक्रीय हो रहे नक्सली, स्पेशल डीजी ने मांगी रिपोर्ट

रायपुर। बस्तर संभाग में नक्सल मामलों में पुलिस और फ़ोर्स के जवानों को लगातार सफलता मिलने के बाद अब नक्सल मैदानी इलाकों में अपने पाँव जमा रहे है। खबर है नक्सलीयों की एक बड़ी टुकड़ी कवर्धा, बलौदाबाज़ार और महासमुंद जिले में अपनी पैठ जमा रही है। जिसकी रिपोर्ट डीजी नक्सल ऑपरेशन ने तलब की है। इन जिलों के जिला पुलिस अधीक्षकों से नक्सल मूवमेंट को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी है। जिसमें थानेवार मामलें की पूरी जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट में बीते छः महीने में हुए नक्सली वारदात, समर्पण, मूवमेंट, गिरफ्तारी जैसी तमाम चीज़े थानेदार को देनी है। जिसको क्रॉस चैक कर एएसपी रिपोर्ट को एसपी तक पहुचाएंगे। एसपी की मुहर के बाद ये रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएंगी।
दरअसल विभाग को इस बात की जानकारी मिली है बारिश के दौरान कामकाज़ और ख़ुद को मैदानी इलाकों में मज़बूत करने नक्सली इन जिलों में ज़्यादा सक्रीय हो रहे है। साथ ही साथ नक्सली बस्तर संभाग से निकलकर खुद को सुरक्षित रख पाने में भी सफल हो रहे है। बस्तर के जंगलों में नक्सलियों का गुजर बसर कर पाना बेहद चुनौतियों से भरा होता है लिहाज़ा इन दो ढाई महीनों में वे शहरी क्षेत्रों में अपना नेटवर्क बढ़ाने का काम करते है। लिहाज़ा पुलिस प्रशासन और फ़ोर्स अब मैदानी इलाकों में इनकी जेड उखाड़ने की रणनीति तैयार कर रहा है।

नहीं पार कर पाए बॉर्डर
नक्सल अक्सर एक प्रदेश में घटना करने के बाद दूसरे प्रदेश में बड़ी आसानी से शिफ़्ट हो जाते थे। बिते साल से नक्सल प्रभावित राज्यों द्वारा इस शिफ्टिंग को रोकने बॉर्डर एरियाज़ में ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया। जिसमे नक्सलियों को शिफ्टिंग में काफी नुक्सान हुआ। जिसके बाद वे अपनी रणनीति बदलकर घटना के बाद मैदानी इलाको की तरफ भाग रहे है। इसी वज़ह से नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी फिलहाल छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में शिफ्ट हुई है।

रिपोर्ट लेना रूटीन वर्क
एसआईबी एसपी डी. रविशंकर ने देश टीवी से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के आलावा जिन-जिन इलाको में नक्सलियों की मूवमेंट बढ़ती है, वहां के पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट ली जाती है। ये एक रूटीन वर्क है, बस्तर में पुलिस का बढ़ता दबाव देखकर नक्सली सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहा है। अक्सर बड़ी संख्या में नक्सल बारिश के दौरान बस्तर का इलाका छोड़ देते है। उनके हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।

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