Big News : अफसरों पर जान से मारने की धमकी का आरोप

गालीगलौच का आडियो सोशल मीडिया में वायरल

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के कोटाडोल थाना क्षेत्र में नायब तहसीलदार, तहसीलदार तथा अनुविभागीय दण्डाधिकारी के विरूद्ध क्षेत्र के भूमि स्वामी पर घर से जबरन बुलाकर गॉव वालों के सामने अश्लील गालियॉ देने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पीडितों ने थाना प्रभारी कोटाडोल को लिखित शिकायत देकर उक्त अधिकारियों के विरूद्ध भा.द.सं. के प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गयी। पीड़ित ने मारपीट के दौरान अपने जेब में रखे मोबाइल को वाइस रिकार्ड मोड पर रख मारपीट और गाली गलौज की पूरी वाइस रिकार्डिग सोशल मीडिया में पोस्ट की।

इस संबंध में मिली शिकायत के अनुसार कोरिया जिले से 190 किमी दूर स्थित कोटाडोल थाना क्षेत्र निवासी प्रार्थी किशोर कुमार तथा परमानंद महंत ने कोटाडोल थाना प्रभारी के नाम दिये शिकायत में उल्लेख किया है कि उसके पट्टे की स्वामित्व वाली भूमि पर हम लोगों के बिना सहमति के जबरजस्ती सौर उर्जा का पोल गडवाया जा रहा था, जिसका हम लोगों द्वारा विरोध किया गया, इसके बावजूद कार्य जारी रहा। इसी बीच बीते 16 नवंबर को दोपहर के समय क्षेत्र भ्रमण के दौरान नायब तहसीलदा, तहसीलदार तथा अनुविभागीय दण्डाधिकारी पहुचे और अधिकारियांे द्वारा हम लोगों को बुलवाया गया और राजनीतिक दबाव से प्रेरित होकर हम लोगों द्वारा सौर उर्जा के पोल गडवाने के विरोध को संज्ञान में लेते हुए बिना सामान्य चर्चा और पूछताछ किये बिना ही अधिकारियों द्वारा गांव वालों के सामने गाली गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गयी। इसके बाद शासकीय वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया, जहां उनके साथ नायब तहसीलदार ने गाली गलौज अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। अधिकारियों के दबाव में आकर कोटाडोल पुलिस द्वारा प्रार्थियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक धारा के तहत कार्यवाही की गयी। इस मामले में पीडितों ने थाना प्रभारी कोटाडोल को लिखित शिकायत देकर अधिकारियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उचित कार्यवाही किये जाने की मॉग की गयी। वहीं पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने पर वो अदालत का दरवाजा खटखटाएंगें।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
जिले के जिम्मेदार अधिकारियों पर ग्रामीणों के साथ अनावश्यक रूप से बिना सामान्य चर्चा के ग्रामीणों को अश्लील गाली देते हुए अभद्र व्यवहार और मारपीट करने के मामले में सोशल मीडिया में लोगों द्वारा कई तरह से प्रतिक्रिया दी जा रही है। जिसमें यह भी वायरल किया जा रहा है कि अधिकारियों द्वारा सिर्फ गरीब ग्रामीणों पर ही अपनी पावर की धौंस दिखाते है वही किसी ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा कि यदि अधिकारियों द्वारा अपने पावर का भरतपुर जनपद क्षेत्र में अवैघ रेत माफियाओ के विरूद्ध क्यों नही करते यदि ऐसा करते तो क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन कार्य शायद नहीं चलता और सरकार की इतनी किरकिरी नही होती। कुछ ने कहा कि ये अधिकारी रेत माफियाओं के सामने जाने तक से घबराते थे, कार्यवाही तो दूर की बात। वही कुछ लोगों का कहना है कि अधिकारियों पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए, इस मामलं को जिला कलेक्टर गंभीरता से लेकर आरोपित अधिकारियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कराया जाना चाहिए।