सुकमा बंद : नक्सलियों ने सडकों पर गिराए पेड़, लगाए बैनर-पोस्टर

नक्सलियों का सुकमा बंद रहा बेअसर, कुछ देर थमे गाड़ियों के पहिए

रायपुर / सुकमा। सुकमा के नुलकातुंग गांव में हुए नक्सल मुठभेड़ के खिलाफ नक्सलियों ने आज सुकमा बंद का बुलाया था। इस बंद के दौरान नक्सलियों ने हाइवे पर सुकमां बंद का पोस्टर लगाते हुए बंद का आह्वान किया। बता दें इसके पहले भी माओवादी ने पर्चा बांटकर भी सुकमा बंद का ऐलान किया था। जिसके बाद सोमवार को नक्सलियों ने बीच हाइवे पर बैनर बांधते हुए नुलकातुंग में मारे गए नक्सलियों की खबर को झूठा बताया है।

वहीं सुकमा बंद के चलते एनएच 30 पर गगनपल्ली और एर्राबोर मार्ग पर नक्सलियों ने पेड़ काट कर सड़कों पर फेंक दिये हैं ताकि कोई भी इसके आगे न जा सके। इधर नक्सलियों द्वारा बंद के ऐलान के बाद सुरक्षा ऐजेंसियों ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सड़कों पर लगे बैनर देखकर पहले तो स्थानीय लोग काफी डर गए थे। काफी समय तक आवाजाहि भी प्रभावित रही। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सड़कों से बैनर को हटवा और आवागमन शुरू हो पाया।नक्सली पर्चा

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मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बता रहे नक्सली
नक्सलियों ने 6 अगस्त को हुई मुठभेड़ को फ़र्ज़ी करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि ये पूरी मुठभेड़ फ़र्ज़ी है। फ़ोर्स ने ग्रामीणों को पहले अगवा किया उनमे से 15 लोगो को मौत के घाट उतर दिया। माओवादियों ने ये भी कहा कि तीन महिलाओं से बलात्कार भी हुआ है। एक कथित पर्चे के मार्फ़त इस बात का भी दावा किया है कि अब भी कई ग्रामीण फ़ोर्स की गिरफ़्त में है। जिन्हे फ़ोर्स ने ज़बरिया अगवा कर रखा है। इस पुरे मामलें में नक्सलियों की दक्षिण बस्तर कमेटी की तरफ़ 13 अगस्त यानी सोमवार को सुकमा बंद का एलान किया था।

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ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि 6 अगस्त को राज्य पुलिस डीआरजी और एसटीएफ के जवानों ने तड़के सुबह तक़रीबन 6 बजे नक्सलियों से मुठभेड़ होने का दवा किया था। इस मुठभेड़ में उन्होंने 15 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया था। जिनमें एक नक्सली कमांडर की गिरफ्तारी की पुष्टि एडीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी और सुकमा एसपी मीणा ने की थी। इसी मुठभेड़ का एक कथित वीडियों भी वायरल हुआ है। जिसमे नक्सलियों के शव और जवानों की आवाज़ सुनाई आ रही है। जिसके बाद नक्सलियों ने पर्चे फेंककर इस मामलें में पुलिसिया कार्यवाही को फ़र्ज़ी बताया है।

 

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