विधायक को जान से मारने की दी धमकी, धारा 151 के तहत हुई कार्यवाही…हंगामा

पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर को मिली धमकी

रायपुर। विधानसभा में सवाल करने पर विपक्ष के एक विधायक को जान से मारने की धमकी मिली है। यह मामला आज छत्तीसगढ़ के विधानसभा में भी जबरदस्त तरीके से गरमाया, हालांकि सदन में जब तक यह मामला उठता तब तक पुलिस ने उस धमकी देने वाले को अपनी हिरासत में ले लिया था। इधर इस मामले को उठाते हुए विधायक शिवरतन शर्मा ने आसंदी को इस बात की जानकारी देते हुए सदन में कहा कि हमारे एक सीनियर सदस्य और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी भी सदन में सवाल उठाने को लेकर दी गई है। शर्मा की इस सुचना को आसंदी ने गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष चरणदास महंत ने तत्काल संसदीय कार्य मंत्री को निर्देशित करते हुए यह कहा कि इस मामले की पूरी जानकारी लें और पता करें ऐसा क्या हुआ है ? और पूरी जानकारी सदन में उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही आसंदी ने अजय चंद्राकर को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने गृहमंत्री को भी निर्देशित किया।
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि विधायक यदि जनहित के मुद्दों को विधानसभा में ना उठाएं तो कहां जाएंगे। अब इस तरह के मामले प्रदेश में आ रहे है, हमें यदि सवाल करना हो तो हम कहां जाएंगे। संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन को जानकारी देते हुए यह कहा कि इस मामले की जानकारी सरकार को है, जिसमें माननीय सदस्य अजय चंद्राकर ने भी इस मामले से हमें अवगत कराया है। उक्त व्यक्ति को ट्रेस कर उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है, हालांकि हम सभी मानते हैं कि यह मामला बेहद गंभीर है। व्यक्ति से अभी पुलिस पूछताछ भी कर रही है कि आखिर उसने क्यों ? किसके कहने पर ? इस तरह की बात की और एक जनप्रतिनिधि को जान से मारने की धमकी दी।

गृहमंत्री ने दिया जवाब
इस मामलें पर प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने आसंदी को इस मामलें की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि “9893633000 पर अभद्र व्यवहार किया गया, रात को ही अजय चंद्राकर जी ने डीजीपी को सूचना दी। उक्त मोबाइल नंबर कॉलर की पहचान की गई, जिसके बाद उसे गिरफ़्तार करने के निर्देश दिया गया। इस मोबाइल नंबर से जसपाल सिंह रंधावा ने फोन किया था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने प्राथमिकी पूछताछ में बताया कि यह रेत खदान का काम करता है, और इसे खदान का काम नहीं करने दिया जा रहा था। सदस्य अजय चंद्राकर ने इस मामलें पर FIR से इंकार किया है, इसलिए प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।”