देश विशेष : आखिर दोस्त क्यों नहीं बन पाती…

पुलिस का शर्मनाक चेहरा वायरल

नई दिल्ली। आखिर क्यों पुलिस मित्र नहीं बन पाती। लोगों के बीच खलनायक की छवि हमेशा क्यों बनती है। क्यों आखिर एक मां अपने बच्चे को यह कहकर चुप कराती है कि चुप हो जा वरना पुलिस वाला पकड़कर ले जाएगा। देश के तमाम राज्यों की पुलिस मित्र बनने का जितना भी दावा करें और इसके लिए जितना भी अभियान चलाए कुछ एक ऐसी तस्वीरें सामने आ जाती हैं जो उसकी खौफनाक तस्वीर सामने रख देती है। आम इंसान का विश्वास जीतने के बजाए खोने में इजाफा करने लगती है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे साढ़े 62 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं और पुलिस को जमकर कोस रहे हैं। जेएनयू के पीएचडी स्कालर श्रीमंत जैनेन्द्र ने फेसबुक पर पोस्ट करते लिखा है कि बड़े अपराधियों के सामने पुलिस दुबक जाती है लेकिन जैसे ही कोई गरीब छोटी भी गलती करता है तो वो अपनी पूरी ‘मर्दानगी’ दिखाते हैं। यह वीडियेो किस जगह की है, कबकी है, इसका जिक्र नहीं किया गया है। पर बातचीत से लगता है कि पश्चिम बंगाल के किसी इलाके की है। पुलिस की वर्दी और टोपी बंगाल की लग रही है। लिहाजा जहां की भी हो, इस पर सैकड़ों ने अपनी भड़ास निकाली तो हजारों ने इसे शेयर किया है।

बड़े अपराधियों के सामने पुलिस दुबक जाती है लेकिन जैसे ही कोई गरीब छोटी भी गलती करता है तो वो अपनी पूरी 'मर्दानगी' दिखाते हैं ।

Shrimant Jainendra यांनी वर पोस्ट केले रविवार, १७ नोव्हेंबर, २०१९

सितंबर से संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर वाहन चालकों से भारी-भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है। यातायात नियम पहले की तुलना में कड़े हो गए हैं। कई राज्यो में जुर्माने को लेकर बवाल मचा तो इस पर राज्यों ने नरमी बरती है। कई राज्य सरकारों ने इसमें छूट की घोषणा की है तो कई ने इसे लागू न करने का फैसला लिया है। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कई जगहों पर पुलिस-जनता विवाद के बाद संशोधित अधिनियम का क्रियान्वयन तीन महीने के लिए रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने परिवहन विभाग को लोगों को इस कानून के बारे में बताने के लिए कहा है, ताकि इसे आसानी से लागू किया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुरानी नीति को ही लागू रखा है। प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हम यह पता कर रहे हैं कि राज्य सरकार इसमें संशोधन कर सकती है या नहीं।

खैर‌, पर पुलिस को इस तरह और कड़ा होकर आक्रामक होने का अधिकार शायद नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी लेखक-पत्रकार केवल कृष्ण इसे शेयर करते हुए पोस्ट किया है कि यातायात अधिनियम इस कदर बदल गया है क्या ? एक अन्य ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है कि पीकर यह अपना गुस्सा उतार रहा है। इसी तरह एक ने लिखा कि इस पुलिसवाले को तुंरत बर्खास्त कर देना चाहिए जिस तरह से इसने अपना फैसला दिखाया है। वीडियो में जिस तरह से पुलिस का आक्रामक रुख सामने आ रहा है। इससे आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है कि संशोधित मोटर वाहन अधिनियम की आड़ में पुलिस अब ज्यादा वसूली करने लगेगी और इससे पीड़ित होगी केवल आम जनता। पुलिस सड़क पर इस तरह अपना फैसला सुनाने लगे तो क्या जनता का सरे राह अपना फैसला सुनाने मे देर करेगी।