महाराष्ट्र के नवेगांव अभ्यारण्य में दिखा दुर्लभ सफेद सांभर

प्रदीप मेश्राम, राजनांदगांव। महाराष्ट्र के नवेगांव नागझीरा टाइगर रिजर्व सेंचुरी में पहली बार एक दुर्लभ सफेद सांभर नजर आया है। बाघ के लिए संरक्षित इस अभ्यारण्य में गश्त पर निकले हितेंद्र अनारसे नामाक वनरक्षक जंगल में बछड़े जैसा सफेद रंग में सांभर को देखकर चौक गया। नवेगांव नागझरा अभयारण्य में बाघ, तेंदुआ समेत अन्य जानवर मौजूद थे। बताया जाता है कि 3 दिन पहले वनरक्षक को जंगल के अंदर गश्त के दौरान सफेद सांभर सुस्ताते दिखाई दिया।

यह पहला मौका है जब महाराष्ट्र के किसी नेशनल पार्क में विशुद्ध रूप से सफेद रंग के सांभर के प्रत्यक्ष प्रमाण मिले हैं।

अभ्यारण्य की उपसंचालक पूनम पांडे ने इसकी पुष्टि करते हुए जानकारी में बताया कि एल्वीनों यानी सफेद सांभर जंगल में देखा गया है। उसकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सांभर के रंग को लेकर वन महकमे ने इसकी वजह भी गिनाई है।

बताया जाता है कि 2017 में गुजरात के गिर नेशनल पार्क में भी एक सफेद रंग के सांभर ने जन्म लिया था।

कवर्धा जिले के डीएफओ दिलराज प्रभाकर सांभर के सफेद होने का वैज्ञानिक कारण बताया। श्री प्रभाकर का कहना है कि एल्वीनों का मतलब किसी का रंग बदल कर जन्म होना है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने जीवन में पहली बार ऐसे दुर्लभ वन्य प्राणी के पैदा होने की बात सुन रहे हैं। एल्वीनों एक वैज्ञानिक कारण है।

बताया जाता है कि न्यूट्रिशन होने की वजह से भी किसी का रंग बदल जाता है। डीएनए में कुछ तकनीकी कमी की वजह से ऐसा होता है। इस बीच सफेद सांभर को देखने के लिए अभ्यारण्य में सैलानी भी पहुंच रहे हैं। वर्तमान में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। बताया जाता है कि टाइगर रिजर्व के गश्ती दल की सांभर पर विशेष नजर है।