भोरमदेव महोत्सव 2019 : शुभारंभ में बिखरी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की छटा

स्थानीय कलाकारो ने लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों दी प्रस्तुति

भोरमदेव / रायपुर। भोरमदेव महोत्सव का आगाज बुधवार को हुआ। जिसका शुभारंभ दुर्ग संभाग के कमिश्नर दिलीप वासनिकर और संस्कृति विभाग के संचालक अनिल कुमार साहू ने किया।

भोरमदेव महोत्सव 2019                       कबीरधाम जिले मे स्थित सुप्रसिद्व भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ़ के सतपुड़ा पर्वत की मैकल पर्वत श्रृंखला से घिरे ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का प्रमाण प्रस्तुत करता है। प्रतिवर्श यह समारोह जिला प्रषासन द्वारा आयोजित किया जाता है। जिसमे ख्याति प्राप्त कलाकार अपने कला का प्रदर्शन भी करते है। इस समारोह का उदेश्य भोरमदेव मंदिर के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व को देश-विदेश में पहुंचाना है। इस समारोह में कबीरधाम जिले के ब्लाॅक, अनुभाग एवं जिले के साथ ही छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से स्थानिय कलाकारों को अपनी प्रस्तुति देने का मौका दिया गया है।

रंगा-रंग प्रस्तुती ने मोहा मन
दो दिवसीय भोरमदेव महोत्सव में छत्तीसगढ़ के ख्याति प्राप्त कलाकारों और स्कूली बच्चों द्वारा रंग-बिरंगे पोशाक में छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं, लोक संस्कृति और तीज-त्यौहारों पर आधारित गीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। वहीं ओडिसी नृत्यांगना पूर्णश्री राउत ने शिव की महिमा, डाॅ. आकांक्षा विश्वकर्मा ने शिव प्रस्तुति और कत्थक नृत्यांगना कुमार पलक तिवारी ने चतुरंग एवं सूफी कत्थक नृत्य कर अपनी भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

दिलाई गई मतदान की शपथ
भोरमदेव महोत्सव जिला निर्वाचन अधिकारी अवनीश कुमार शरण ने महोत्सव में उपस्थित दर्शकों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए 18 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की। इसके साथ ही मतदान करने के लिए सभी को शपथ भी दिलाई।