सितार वादक  देबू चौधरी, अभिनेता बिक्रमजीत और निर्देशक वी आनंद का कोरोना से निधन

 नई दिल्ली/ मुंबई |  शनिवार को बॉलीवुड जगत के लिए बुरी ख़बरें सामने आई। कोविड से मशहूर सितार वादक पद्मभूषण पंडित देवव्रत चौधरी उर्फ देबू चौधरी, अभिनेता बिक्रमजीत कंवरपाल और दक्षिण सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर के वी आनंद का  निधन हो गया।  

मशहूर सितार वादक पद्मभूषण पंडित देवव्रत चौधरी उर्फ देबू चौधरी का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे 85 साल के थे। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्हें बुधवार रात दिल्ली के एक हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था|

देबू चौधरी के बेटे प्रतीक चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए उनके निधन की खबर दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात उन्हें हार्ट अटैक आया था। भारत सरकार ने 1992 में कला के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। उन्होंने सेनिआ संगीत घराना के पंचू गोपाल दत्ता और संगीत आचार्य उस्ताद मुश्ताक अली खान से संगीत की शिक्षा ली की थी।

उधर , सेना  से सेवानिवृत्त होने के बाद अभिनेता बने  मेजर बिक्रमजीत कंवरपाल  का कोरोना से निधन हो गया। बिक्रमजीत ने 2003 में एक्टिंग की शुरुआत की। उन्होंने पेज-3, रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर, आरक्षण, मर्डर-2, 2 स्टेट्स और द गाजी अटैक जैसी फिल्मों में काम किया।

वह रॉकेट सिंह : सेल्समैन ऑफ द ईयर, आरक्षण, मर्डर टू, टू स्टेट्स और द गाजी अटैक जैसी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। इसके साथ ही वह दीया और बाती हम, ये है चाहतें, दिल ही तो है और 24 जैसे टीवी शो में भी भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें वेब सीरीज स्पेशल ऑप्स में भी देखा गया था।

वहीँ प्रसिद्ध निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर के वी आनंद का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 54 साल के थे। फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर अपने करियर की शुरूआत करने वाले आनंद ने बाद में सिनेमैटोग्राफर और फिर एक फिल्म निर्देशक के रूप में फिल्मी जगत में कदम रखा था।

प्रमुख तमिल पत्रिकाओं के लिए चित्रों की शूटिंग के बाद, 1990 के दशक की शुरूआत में आनंद ने सिनेमैटोग्राफर पी सी श्रीमान के सहायक के रूप में काम किया था। आनंद ने अपनी फिल्म की शुरूआत मलयालम फिल्म थेमाविन कोम्बाथ में एक सिनेमैटोग्राफर के रूप में की थी जिसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।

उनकी पहली तमिल फिल्म काधल देशम थी और बाद में तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम किया। उन्होंने निर्देशक शंकर के साथ मशहूर फिल्मों मुधलवन और रजनीकांत स्टारर शिवाजी में काम किया था।

साल 2005 में आनंद ने काना कंडेन फिल्म में एक फिल्म निर्देशक के रूप में काम किया। उन्होंने अयान, को, मातृन, कप्पन जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था।

(इनपुट आईएएनएस)