Kishore Kumar Birthday Special : जब कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे किशोर कुमार…

किशोर कुमार ने अपने नाम किए 8 फिल्म फेयर और कई अवार्ड

मुंबई । लाखों लोगो के दिलो में राज करने वाली आवाज़ और गायकी के शहंशाह कहे जाने वाले किशोर कुमार भी कोर्ट के चक्कर काट चुके है। बेहतरीन गायकी में बादशाहत कर रहे किशोर में अभिनय के भी गुर थे। मगर उन्हें इस अभिनय की वजह से ही कोर्ट तक पहुंचना पड़ा। उनकी पहली फिल्म ‘शिकारी’ थी। इस फिल्म में उन्होंने एक्टिंग की थे। शिकारी में उनके साथ उनके भाई अशोक कुमार ने भी अभिनय किया था।

किशोर दा ने हिंदी सिनेमा में पहला गाना ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू’ गाया था। इस फिल्म का नाम ‘जिद्दी’ था। वे अपने अपनी मर्ज़ी के मालिक थे। उन्होंने कभी फिल्ममेकर की बातों गंभीरता से नहीं लिया। लिहाज़ा इस बात से खफ़ा होकर फिल्ममेकर ने उन्हें कोर्ट तक घसीट डाला था। उनका कहना था कि किशोर कुमार डायरेक्टर के सभी ऑडर्स मानें।

Kishor Kumar birthday

किशोर कुमार का आज 89 वां जन्मदिन है। किशोर का जन्म 4 अगस्त 1929 को हुआ था। उन्होंने अपनी अलग गायकी से लोगों के बीच एक अलग मुकाम बनाया था। यही वजह रही कि गायक किशोर कुमार का आखरी गाना 15.6 लाख में बिका था। इस गाने की नीलामी 2012 में हुई थी। मध्यप्रदेश के छोटे से गाँव खांडवा में जन्मे किशोर ने हिंदी फिल्मों से पहले बंगाली, मराठी, असम, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी जैसी भाषाओं में अपनी आवाज़ दी थी। उनकी गायकी की नज़ाकत ने उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के आठ अवॉर्ड दिलाए । इसके साथ ही उन्हें 1985 में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेश्कर अवॉर्ड से नवाजा गया।

किशोर दा ने की थी चार शादियां
किशोर कुमार ने चार शादियाँ की थी। किशोर कुमार की पहली पत्नी रुमा गुहा ठाकुर उर्फ रुमा घोष थी। रुमा भी एक मशहूर गायिका रही है जिनके साथ किशोर कुमार ने शादी शुदा जिंदगी के आठ साल बिताए। इसके बाद साल 1960 में किशोर कुमार ने मधुबाला से शादी कीऔर मधुबाला से शादी करने के लिए उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। वर्ष 1969 में मधुबाला का निधन हो गया। फ़िर किशोर कुमार की ज़िंदगी में योगिता बाली आई जो महज़ दो साल ही टिक पाई। आखिर में किशोर ने चौथी पत्नी के रूप में लीना चंदावरकर को अपनाया था, लीना और किशोर का साथ किशोर कुमार की आखरी सांस तक रहा।

इन गानों के लिए मिले थे फिल्म फेयर अवार्ड
किशोर कुमार ने फिल्म आराधना के “रूप तेरा मस्ताना” फिल्म अमानुष के “दिल ऐसा किसी ने मेरा” फिल्म डॉन के “खइके पान बनारस वाला” के लिए फिल्म फेयर जीता था। इसके साथ ही किशोर का सफर आगे बढ़ा और उन्हें सन 1981 में फिल्म थोड़ी सी बेवफाई के “हजार राहें मुड़के देखें” फिल्म नमक हलाल के “पग घुंघरू बाँध” फिल्म अगर तुम ना होते के टाईटल सांग “अगर तुम ना होते” फिल्म शराबी के “मंजिलें अपनी जगह है” और फिल्म सागर “सागर किनारे” वाले गाने के लिए फिल्म फेयर अवार्ड मिले थे।