EXCLUSIVE छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद भालू

घर की बाड़ी में कटहल खाने पहुंचा भालू मोबाइल में कैद

चंद्रकांत पारगीर, बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पहली बार दुर्लभ सफेद भालू नजर आया है। कटहल खाने पहुंचे इस सफेद भालू को एक व्यक्ति ने तब मोबाइल में कैद कर लिया, जब वह पेड़ पर चढ़ रहा था। इसी दौरान किसी  किसी ने आवाज लगा दी, शायद इससे डरकर गिर गया। फिर वो वापस जंगल में चला गया। हालिक कुछ देर बाद फिर उसी पेड़ के पास आ धमका। बार बार आने से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं वन विभाग का अमला मौके पर मुस्तैद होकर भालू की आवाजाही पर नजर बनाए हुए है।

इस संबंध में चिरमिरी रेंजर एसडी सिंह का कहना है कि हमारे रेंज में दुर्लभ सफेद भालू देखा गया है, प्रायः यह काफी कम देखने को मिलते है, कई दिनों से चिरमिरी के डोमनहिल क्षेत्र में आ जाया करता है, कटहल इसका प्रिय भोजन है, उसी को खाने के लिए भटक कर यहां आता है। हमारी पूरी टीम उक्त भालू पर नजर बनाए हुए है। चूंकि घनी बस्ती है इसलिए रात के समय भालू पर नजर रखी जा रही है, लोगो को भी रात के समय बाहर निकलने के समय एहतियात बरतने की सलाह दी गयी है।

अपने मोबाइल पर इस सफेद भालू को कैद करने वाले डोमनहिल निवासी इलियास अहमद सिद्दकी का कहना है कि बेहद दुर्लभ सफेद भालू को वो बीते 15 दिन से देख रहे है, वो मेरी बाडी में कटहल खाने के लिए आता है, जिसके कारण मैंने पेड से सारे कटहल कटवा दिए, बावजूद उसकी खुशबू से वो रात में आ जाता है, जिससे डर तो है।

सोमवार की रात फिर से आया जिसे मैंने अपने मोबाइल में कैप्चर कर लिया है। डोमनहिल घनी बस्ती है, ऐसे में रहवासियों को भालू की आवाजाही से डर लगा हुआ है।

जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के कोरिया वनमंडल अंतर्गत चिरमिरी रेंज में स्थित डोमनहिल में सोमवार की रात इलियास अहमद सिद्दकी के बाडें में सफेद भालू आ धमका, मौका देख श्री सिद्दकी ने सफेद भालू की हरकत को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जब वो कटहल के पेड पर चढने की कोशिश कर रहा था। तभी उनके भाई ने आवाज लगा दी  जिससे वो धडाम से गिर पडा, परन्तु जल्द ही उठ खडा हुआ और जंगल की ओर चला गया।

कुछ देर बाद फिर कटहल की खुशबू पा कर उसी स्थान पर आया, परन्तु कटहल के पेड पर एक भी फल ना पाकर उसे निराशा हाथ लगी।

इधर, इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद चिरमिरी रेंजर एसडी सिंह मौके पर पहुंचें और रहवासियों को समझाईश दी। वहीं उन्होंने विभाग के अमले को भालू पर नजर रखने के निर्देश दिए है, जिसके बाद रात में सफेद भालू की आवाजाही के साथ उसकी हरकत को विभाग बारिकी से अध्ययन करने की कोशिश में जुटा है।

चिरमिरी रेंज में काफी भालू
कोरिया वनमंडल के चिरमिरी क्षेत्र में काफी संख्या में भालू है, कुछ वर्ष पहने भालू ने लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद वन विभाग ने भालू के क्षेत्र को लेकर लोगों में जागरूकता भी फैलाई है, इसके अलावा आए दिन रात में यहां भालू को शहरी इलाके में घूमते देखा जाया करता है, वहीं अब बेहद दुर्लभ सफेद भालू के दिख जाने से भालुओं को लेकर वन विभाग और सतर्क हो गया है।

सफेद भालू कहां

दुनिया में सफेद भालू ध्रुवीय प्रदेशो में पाये जाते हैं। पोलर बीयर के नाम से जाने पहचाने जाने वाले ये भालू मांसाहारी होते हैं। बर्फ के नीचे पानी से मछलियों का शिकार कर पेट भरते हैं।

भारत में भालूओं का रंग

भारत में अक्सर काले या भूरे रंग के भालू पाये जाते हैं। छत्तीसगढ़ में भी ज्यादातर काले भालू पाये जाते हैं। लेकिन यह पहली बार सफेद भालू दिखा है। हो सकता है यह जीन परिवर्तन का असर हो जैसा कि यहां अचानकमार के जंगल में काला तेंदुआ देखा जा चुका है।

रात में आराम

जानकारो के अनुसार भालू अक्सर दिन भर भोजन की तलाश में सक्रिय रहते हैं। ज्यादातर रात को आराम करते हैं। हां, कभी-कभी आहार की तलाश में रात को भी घूमते देखे गए हैं। भारतीय भालू शाकाहारी और मांसाहारी दोनों होते हैं। भोजन-पानी की तलाश में इंसानी आबादी की ओर आने लगे हैं।

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बदलता व्यवहार

कटते जंगल के कारण इन दिनों मानव के निरतंर संपर्क में आने से इनका व्यवहार भी बदलता देखा गया है। महासमुंद जिले के चंडी मंदिर और पतई माता मंदिर में मीठे प्रसाद खाने आते हैं। अब तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। महासमुंद जिले में ही एक जंगली भालू के तेल पीने की लत से ग्रामीण परेशान हैं। पढ़े इस जंगली भालू को तोल पीने की लत

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बहरहाल अचानकमार के जंगल में काला तेंदुआ के बाद अब कोरिया जिले के चिरमिरी में सफेद भालू का दिखाई देना छत्तीसगढ़ के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीव होने का संकेत है।