पुरी में तड़के ‘मंगल आरती’ के साथ भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू

भुवनेश्वर। सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति के बाद पुरी में भगवान जगन्रनाथ की रथ यात्रा शुरू हो गई है। पुजारियों ने तड़के ‘मंगल आरती’ का आयोजन किया। शंखनाद , झांझ और ढोलक की थाप के साथ मंदिरों से देवताओं को रथ पर बिठाकर यात्रा की शुरुआत की गई।

बता दें कि इस बार ओडिशा के पुरी में भक्तों की अनुपस्थिति में पहली बार भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की वार्षिक रथ यात्रा  शुरू हुई। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने जनता की उपस्थिति के बिना सीमित तरीके से इसे आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

आज सुबह तीनों देवताओं को तीन पारंपरिक तौर पर बने लकड़ी के रथ – नंदीघोसा (जगन्नाथ के लिए), तलाध्वजा (बलभद्र के लिए) और देवदलन (सुभद्रा के लिए) पर बिठा कर ले जाया गया।

रथों को पुरी के गुंडिचा मंदिर तक खींचा जाएगा, जो मुख्य जगन्नाथ मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

इस साल 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें कोविड -19 टेस्ट कराने के बाद नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। इनमें मंदिर के सेवक और पुलिसकर्मी शामिल होंगे।

सर्वोच्च न्यायालय ने कल अपने आदेश में  पुरी में प्रवेश मार्गो को बंद करने का आदेश दिया और राज्य सरकार को कर्फ्यू लगाना होगा, जिसकी शुरुआत सोमवार रात आठ बजे से जाएगी और यह दिशानिर्देश रथ यात्रा की अवधि के दौरान जारी रहेगा। पुरी रथ यात्रा उत्सव की अवधि के दौरान हवाईअड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों आदि के सभी प्रवेश बिंदुओं को इस दौरान बंद कर दिया जाएगा।

इधर पुरी के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर बलवंत सिंह ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सभी सहयोग कर रहे हैं। मैं सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि वे घर पर रहें और त्योहार का सीधा प्रसारण देखें।”