4 मई से 10 जून तक सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं, 15 जुलाई तक रिजल्ट 

यह परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी पेन पेपर के माध्यम से ली जाएंगी

नई दिल्ली| 10वीं और 12वीं कक्षा की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तारीख घोषित कर दी गई है। अगले वर्ष 2021 में होने वाली यह बोर्ड परीक्षाएं इस बार मई महीने में शुरू होंगी। बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। वही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा।

गुरुवार शाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बोर्ड परीक्षाओं की इन तारीखों का आधिकारिक एलान किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई दोनों ही यह स्पष्ट कर New Delhi: Union Education Minister Ramesh Pokhriyal 'Nishank' issues SOP/Guidelines for reopening of schools via video conferencing in New Delhi on Oct 05, 2020. (Photo: IANS/PIB)चुके हैं की बोर्ड परीक्षाएं, परीक्षा केंद्रों में जाकर देनी होंगी। बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। यह परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी पेन पेपर के माध्यम से ली जाएंगी।

बोर्ड परीक्षाओं का एलान करते हुए शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, “इस वर्ष बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोई भी कार्यक्रम जनवरी या फरवरी में आयोजित नहीं किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल 1 मार्च से शुरू होंगे। वहीं सामान्य वर्षों में प्रैक्टिकल जनवरी माह में लिए जाते हैं और बोर्ड परीक्षाएं फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलती हैं।”

बोर्ड परीक्षाओं की तिथि को लेकर विभिन्न अभिभावक संघों ने भी संतोष जाहिर किया है। ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा, “बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय की गई तारीखों का हम स्वागत करते हैं। हमने सरकार से यही मांग की थी कि बोर्ड परीक्षाएं मई-जून में करवाई जाए, ताकि छात्रों को अपना कोर्स पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “सीबीएसई पहले ही बोर्ड परीक्षाओं के लिए 30 फीसदी पाठ्यक्रम कम कर चुकी है। इसके अलावा छात्रों की अन्य सभी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। हम दुनिया के 25 देशों में सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भी समाधान देंगे। विदेशों में सीबीएसई के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, हम उनके लिए भी काम कर रहे हैं।”

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी शिक्षा के सत्र को पीछे ले गई। वहीं भारत में शिक्षकों और अभिभावकों की कड़ी मेहनत के कारण ऐसा नहीं हुआ। छात्र लगातार ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन नहीं है, ऐसे छात्रों को टीवी और रेडियो के माध्यम से ऑन एयर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

–आईएएनएस