सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट अगले वर्ष जनवरी में:केंद्रीय शिक्षा मंत्री

कोरोना संकट के कारण सीटीईटी परीक्षा लगातार निलंबित की जा रही थी

नई दिल्ली| कोरोना संकट में ‘पहले सुरक्षा फिर परीक्षा’ के नियम को अपनाते हुए सीबीएसई ने सेंट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी सीटीईटी की परीक्षाएं अगले वर्ष में कराने का अहम निर्णय लिया है। यह परीक्षा इसी वर्ष जुलाई में होनी थी। कोरोना संकट के कारण सीटीईटी परीक्षा लगातार निलंबित की जा रही थी। हालांकि अब यह परीक्षा अगले वर्ष जनवरी में तय की गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए बुधवार शाम कहा, “कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए सीबीएसई द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित सीटीईटी परीक्षा अब 31 जनवरी 2021 को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 23 और शहरों में नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के स्थान के विकल्प में सुधार का अवसर भी दिया गया है। सभी प्रतिभागियों को उज्‍जवल भविष्य की अग्रिम शुभकामनाएं।”

सीटीईटी परीक्षा पहले देश भर के 112 शहरों में होनी थी, लेकिन अब यह परीक्षा पूरे देश भर में के 135 शहरों में आयोजित की जाएगी।

इस पूरी स्थिति पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा, “पहले सुरक्षा फिर शिक्षा। यानी छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। कोई भी कदम उठाने से पहले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। सुरक्षित माहौल में ही छात्र कक्षा या फिर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।”

इससे पहले कोरोना वायरस के कारण ही तीन बार जेईई (मेन) और नीट की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। हालांकि अब जेईई एडवांस की परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक फॉर्म भरने वाले अधिकांश छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए। गौरतलब है कि कोरोना काल के दौरान जेईई मेन, एडवांस और नीट सबसे बड़ी परीक्षाएं रहीं।

यह परीक्षाएं आईआईटी दिल्ली द्वारा आयोजित की गई। जेईई एडवांस के लिए पंजीकरण और फीस भरने वाले कुल छात्रों में से 96 फीसदी छात्र रविवार को आयोजित की गई परीक्षाओं में शामिल हुए। परीक्षाओं के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया।

यह परीक्षाएं पूरे देश में 222 शहरों में आयोजित की गईं और इन परीक्षाओं के लिए एक हजार एक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

1 से 6 सितंबर के बीच जेईई मेन परीक्षा आयोजित की गई थी। जेईई मेन के लिए 8.58 लाख छात्रों ने फॉर्म भरा था। इनमें से 82 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने जेईई की परीक्षा दी। जो छात्र जेईई मेन की परीक्षाओं में शामिल हुए हैं उन्हें नतीजों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा।

–आईएएनएस