नीट पीजी परीक्षा स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे डॉक्टर

नई दिल्ली | कोरोनावायरस के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर नौ डॉक्टरों के एक समूह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नीट पीजी परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।

देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्सेज में दाखिले के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) प्रवेश परीक्षा 18 अप्रैल को होनी है, जिसे स्थगित करने की मांग के साथ डॉक्टरों का समूह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि महामारी के बीच परीक्षा आयोजित करना एक तरह से स्नातक डॉक्टरों पर अखिल भारतीय स्तर पर दबाव डालना है, जबकि सरकार ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए परीक्षाओं को पहले ही स्थगित कर दिया है।

वकील पल्लवी प्रताप के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि नीट पीजी परीक्षा शुरू में जनवरी 2021 के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन कोविड की स्थिति के कारण स्थगित कर दी गई थी, जो वर्तमान में प्रतिदिन 1 लाख से अधिक मामलों से तो बेहतर ही थी।

दलील दी गई है कि तब की स्थिति आज की स्थति से काफी बेहतर थी, क्योंकि तब अपेक्षाकृत कोरोना संक्रमण के कम मामले आ रहे थे।

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन ने 9 अप्रैल को एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें 18 अप्रैल के लिए परीक्षा तय की गई थी।

दलील में कहा गया है कि 18Supreme Court. (File Photo: IANS) अप्रैल को पूरी अधिसूचना और परीक्षा का संचालन, कोविड-19 मामलों में वर्तमान वृद्धि और अस्पतालों में डॉक्टरों और बेड की अनुपलब्धता को देखते हुए सार्वजनिक हित में नहीं है।

शीर्ष अदालत की ओर से शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई किए जाने की संभावना है।

–आईएएनएस

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