ट्रेनिंग ले रहे आईपीएस योगेश ने बताया कैसे की परीक्षा की तैयारी

कड़ी तैयारी कर आई ई एस की परीक्षा भी दी है

रजिंदर खनूजा, पिथौरा। इन दिनों सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस अकादमी हैदराबाद (तेलँगाना) में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे पिथौरा के योगेश पटेल वर्तमान में इंटरनेट को परीक्षा की तैयारियों के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक मानते हैं। प्रशिक्षण के बीच अपने घर आए योगेश ने देश टीवी से अपने अनुभवों , दैनिक गितिविधियों को साझा किया।

सिविल परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा लिए चयनित क्षेत्र के प्रथम होनहार युवक योगेश पटेल पिथौरा से मात्र तीन किलोमीटर दूर ग्राम राजा सवैया के कृषक एवम शिक्षक हरिकृष्ण पटेल के बेटे है।

योगेश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ग्राम में रहकर ही प्राप्त की। कक्षा 6 में नवोदय की परीक्षा में चयनित हो जवाहर नवोदय विद्यालय सरायपाली से कक्षा 12 तक की पढ़ाई खत्म की। 2012 में एनआईटी रायपुर से सिविल इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर पांच वर्ष तक कोल इंडिया लिमिटेड सिंगरौली (म प्र) में कार्यरत रहे।

योगेश ने बताया कि इसी दौरान वे प्रतिदिन 5 से 6 घण्टे निकालकर यूपीएससी की तैयारी करते रहे और अपने चौथे प्रयास में 571वां स्थान लाकर उन्होंने यह सफलता हासिल की। योगेश ने बताया कि वे बचपन से ही कलेक्टर बनना चाहते थे। परन्तु इस रैंक में उन्हें आई ए एस तो नही मिला परन्तु आई पी एस मिल गया।

योगेश ने बताया कि किसान परिवार से होने के बावजूद दादा डिलेश्वर पटेल व परिवार के सभी सदस्यों ने शिक्षा और संस्कार को बहुत महत्व दिया। योगेश ने अपने चाचा निराकार पटेल, जो कि ग्राम में ही एक स्कूल के शिक्षक है, और अपने भाई अनुराग पटेल, जो एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, उन्हें भी अपनी सफलता का श्रेय दिया है।

 

डीजीपी स्वयम गांव पहुंचे थे

प्रदेश के डी जी पी डी. एम. अवस्थी ने घर आकर उन्हें और परिवार को इस सफलता के लिए बधाई दी थी। देश की सबसे बड़ी परीक्षा यू पी एस सी में चयनित होकर आई पी एस मिलने से योगेश के साथ क्षेत्र के लोग भी गौरवान्वित है। ट्रेनिंग में कुछ अंतराल मिलते ही योगेश अपने गृह ग्राम राजा सवैया पहुचे। आईपीएस में चयन के बाद भी छुट्टी लेकर साल भर आई ई एस के लिए कड़ी तैयारी कर उन्होंने फिर से परीक्षा दी है।

योगेश ने बताया कि दिसम्बर 2019 से वे सरदार वल्लभभाई पटेल पुलिस अकादमी हैदराबाद (तेलँगाना) में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग में सुबह 5 से शाम 6 के बीच शारीरिक व्यायाम,खेलकूद,मनोरंजन,भोजन और विश्राम के बीच क्लासेस में भारतीय सँविधान, आईपीसी और सीआरपी की शिक्षा दी जाती है।

इसके अलावा रूबरू होने ने लिये दिल्ली के उच्चतम न्यायालय,तिहाड़ जेल ,सीबीआई, संसदभवन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा से सम्बंधित बारीकियों को बताया जाता है। सीनियर जज और पुलिस ऑफिसर ट्रेनर के रूप में आते है। प्रशिक्षण की अवधि 2 वर्ष की है। 8 माह का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। 20 जुलाई से 6 माह के ट्रेनिग के लिये राजनांदगांव दिया गया है। डेढ़ माह की रायपुर में डिस्ट्रिक्ट प्रेक्टिकल ट्रेनिगं है जिसमें जिला न्यायाधीश,कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ काम करना है। इसके पश्चात तीन माह स्वतंत्र रूप से वे थाना इंचार्ज के रूप में कार्यरत रहेंगे।

 कैसे करें सिविल एग्जाम सी की तैयारी

सिविल एग्जाम में सफल होकर भारतीय पुलिस सेवा के अफसर बनने जा रहे क्षेत्र के इकलौते लाडले योगेश पटेल ने उक्त परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं से कहा कि पहले इसमें दो विषय थे,लेकिन अब एक हो गया है।इसलिये एच्छिक विषय के रूप में उन्होंने  भूगोल का चयन किया।

दिल्ली में आईएएस स्टडी सेंटर में उन्होंने साल भर ट्रेनिगं ली थी। भारतीय सविधान के लिये लक्ष्मीकांत,भूगोल अर्थशास्त्र और कला-संस्कृति के लिये एनसीईआरटी की पुस्तको ने इस सफलता में बहुत बड़ी भूमिका अदा की। साथ ही साथ हर वर्ष के साल्व्ड पेपर्स एवं प्रैक्टिस पेपर्स ने आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की।

साक्षात्कार के लिये उन्होंने ग्रुप थेरैपी और डिस्कशन पर पूरा ध्यान दिया। योगेश कहते है कि इंटरनेट परआज सभी चीज़े आसानी से उपलब्ध है। मानसिक रूप से अवसाद न हो इसके लिये प्रतिदिन योगा प्राणायाम,व्यायाम,भ्रमण और मनोरंजन के अलावा साथियों से हंसी मजाक को काफी सहायक बताया।