Video:कोविड-19 में नर्सिंग छात्रों के हितों के लिए जोगी कांग्रेस ने की पहल

अजीत जोगी युवा मोर्चा ने लिखा स्वास्थ्य मंत्री को पत्र

रायपुर | छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के भयावह स्थिति से निपटने राज्य सरकार ने कई कदम उठाये। जिसमे नर्सिंग छात्रों की ड्यूटी प्रदेश के कई अस्पतालों एवं कोविड केयर सेंटर में लगाया गया है। हालांकि इस निर्णय का लाभ भी देखा गया है। अब प्रदेश में संक्रमण का ग्राफ काफी हो गया है।  

सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार के निर्णय का नर्सिंग छात्रों ने पालन तो किया लेकिन उनसे मुफ्त में सेवा लेने की निति पर अब सवाल उठने लगा है। अजीत जोगी युवा मोर्चा ने नर्सिंग छात्रों के हितों के लिए अब बीड़ा उठाया है। अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू आज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव को पांच सूत्रीय मांगो को लेकर ज्ञापन भेजा है।    

गौरतलब है कि चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन तथा संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के द्वारा 10 अप्रैल को आदेश जारी कर नर्सिंग के छात्रों से कोविड-19 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीनस्थ विभिन्न संस्थानों में मुफ्त में सेवा लेना सुनिश्चित किया गया है। 

प्रदीप साहू ने बताया की जहाँ छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते प्रभाव के रोकथाम के लिए सरकार लॉक डाउन किया गया है वही सरकार के द्वारा नर्सिंग के छात्रों के साथ अन्याय किया जा रहा है। 

शिक्षा संचालनालय के आदेश पर अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने आपत्ति जताई है। उनकी माने तो चिकित्सा के क्षेत्र में यदि नर्सों की कमी हो रही है तो शासन नई स्टाफ नर्सों की ऑनलाइन भर्ती कर इस कमी को दूर कर सकती है। बावजूद इसके नर्सिंग की छात्रो को मौत के मुंह मे धकेलना निंदनीय है। नर्सिंग की छात्रों को सेवा लेना सुनिश्चित तो कर दिया गया है किंतु वेतन भुगतान की कहि कोई जिक्र नही है छत्तीसगढ़ शासन यदि छात्रों से समान कार्य लिया जाय तो समान वेतन का भी भुगतान किया जाना सुनिश्चित करे। 

नर्सिंग के सभी छात्र जो बाहर रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे प्रदेश के लॉकडॉउन में वे सभी अपने अपने घर आकर खुद को सुरक्षित कर रखे है वापस उन छात्रों का विभिन्न संस्थानों में जाकर वह निवास ढूंढ कर रहना तथा उनके खाने रहने की व्यवस्था के बिना उनका गुजारा कैसे सम्भव है। शासन के द्वारा छात्रों पर सेवा लेने का आदेश तो थोंप दिया गया है किंतु आर्थिक तंगी में छात्र खुद के खर्चे से संस्थानों में सेवा देने में असमर्थ है।

साहू ने कहा छात्रों से मुफ्त की सेवा लेने के बजाय शासन उन सभी छात्रों को स्टाफ नर्स के वेतन के समान वेतन का भुगतान कर उनसे सेवा ले तथा सभी छात्रों का स्वास्थ्य बीमा सर्वप्रथम कराई जाए। उनसे सेवा पूर्ण सुरक्षात्मक उपकरण तथा आवागमन की व्यवस्था प्रदान किया जाए। छत्तीसगढ़ शासन को सेवा दे रहे छात्रों का कोविड पॉजिटिव आने पर पूरा ख़र्चा शासन उठाये।