रमन कैबिनेट में संविलियन प्रस्ताव “डॉक्टर के फ़ैसले का मास्टर को इंतज़ार”

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा कर चुकी रमन सरकार आज कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखेगी। बैठक में शिक्षाकर्मियों के संविलयन की रूपरेखा की नीव रखी जाएगी। विश्वशनीय सूत्रों की मानें तो सरकार संविलियन क्रमबद्ध तरीके से करने की तैयारी कर रही है। जिसमे आज की बैठक में पहले चरण में 8 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने वाले शिक्षाकर्मियों का संविलियन तत्काल किया जाना है। इससे करीब 1.20 लाख शिक्षाकर्मियों को लाभ होगा। शिक्षाकर्मी वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग -3 की वेतन विसंगति, दस साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षाकर्मियों के लिए क्रमोन्नति का प्रावधान, प्राचार्य और प्रधान पाठक बनाने की नीति, तबादला नीति और अनुकंपा नियुक्ति पर भी कैबिनेट निर्णय कर सकती है। शिक्षाकर्मियों को लेकर उच्च स्तर पर काम चल रहा है।
बता दें कि संविलियन की घोषणा के बाद शिक्षाकर्मियों में संशय चल रहा है। जिसको लेकर वर्ग तीन के शिक्षकों द्वारा समानुपातिक वेतन देने की मांग को लेकर रविवार को बैठक की गई थी। शिक्षाकर्मी 8 वर्ष बंधनमुक्त और क्रमोन्नत के साथ समानुपातिक वेतन की मांग कर रहे थे। प्रदेश में वर्ग 3 की संख्या 1 लाख 20 हजार से ज्यादा है। ये शिक्षक चाहते हैं कि इस संविलियन में इस वर्ग को भी ध्यान में रखकर मुहर लगाई जाए।