लैपटॉप के बदले कॉपी में नोट्स बनाना ज्यादा फायदेमंद : शोध

नई दिल्ली। बचपन में स्कूल से जो होमवर्क मिलता था, अक्सर उसमें स्कूल में किए गए काम को ही फिर से लिखकर लाने को कहा जाता था। हमारे शिक्षक और घर के बुजुर्ग कहते थे दोबारा लिखने से सबक हमेशा के लिए याद रहेगा। शब्द बार-बार लिखने से जहन में बस जाएंगे।

हालांकि, नई-नई तकनीकों के सामने अब पढ़ाई का वो तरीका पुराना हो गया है। आज स्कूल में कॉपी, कलम की जगह बच्चे लैपटॉप और पैड लेकर जाते हैं। जाहिर है कि हम इसे बदलते दौर का अच्छा और नया अंदाज मान सकते हैं लेकिन क्या वास्तव में नई तकनीक की मदद से पढ़ने का ये तरीका छात्रों के लिए सही है?

2014 में अमरीका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में इस पर शोध किया गया। इसमें लेक्चर के नोट तैयार करने के लिए आधे छात्रों को कागज और कलम दिए गए और बाकी आधे छात्रों को लैपटॉप दिया गया।

जाहिर है नौजवान पीढ़ी की-बोर्ड पर अंगुलियां चलाते आगे बढ़ रही है, तो लैपटॉप पर नोट तैयार करने वाले छात्रों ने लेक्चर के नोट्स बनाए, जबकि कागज-कलम का इस्तेमाल करने वाले छात्रों ने लेक्चर समझकर अपने जहन में उसके प्वाइंट बनाए, फिर उन्हें कागज पर उतारा।

बाद में छात्रों की समझ जांचने के लिए उनसे लेक्चर से संबंधित कुछ सवाल पूछे गए, जहां तक बात थी तथ्यों की, तो दोनों ही छात्रों ने लगभग सही जवाब दिए लेकिन जब लेक्चर का सार, उसके मायने पूछे गए तो कागज-कलम का इस्तेमाल करने वाले छात्रों ने ज्यादा बेहतर जवाब दिए।

दरअसल की-बोर्ड पर टाइपिंग करते समय छात्र सिर्फ लेक्चर सुनकर उसे लिख रहे थे। लेक्चर के विषयवस्तु पर उनका ध्यान नहीं था। जबकि कागज-कलम इस्तेमाल करने वालों के पास लेक्चर समझकर उसके नोट्स बनाने के अलावा कोई और चारा नहीं था। क्योंकि कलम से पूरा लेक्चर लिखना संभव नहीं था।

कागज-कलम इस्तेमाल करने का एक फायदा और है कि नोट्स बनाते समय जरूरी बातें अंडरलाइन की जा सकती हैं और ज़रूरत पड़ने पर केवल उन्हीं बिंदुओं पर नजर दौड़ा लेने भर से पूरा लेक्चर समझा जा सकता है।

साथ ही याद रखने के लिए अतिरिक्त जानकारियां हाशिए पर लिखी जा सकती हैं, जबकि टाइपिंग के दौरान ऐसा करना जरा मुश्किल होता है।

रिसर्च में ये भी पता चला कि लैपटॉप पर तैयार किए गए लेक्चर दोहराने में भी आसान नहीं होते हैं।

जानकारियां याद रखने का एक और अच्छा तरीक़ा है कि लेक्चर रिकॉर्ड कर लिया जाए। ताकि, बाद में भी उसे कई बार सुनकर अच्छी तरह याद रखा जा सके।

हालांकि लैपटॉप, आई-पैड, टैबलेट जैसे गैजेट्स छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन, इनके इस्तेमाल करने या नहीं करने से छात्रों के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है इस पर रिसर्च नहीं हुई है।

बहरहाल, अगर आप टाइप तेज कर लेते हैं और नोट्स की नकल रखना चाहते हैं, तो लैपटॉप बेहतर विकल्प है। लेकिन, अगर कोई भी लेक्चर का भाव गहराई से समझना चाहता है, तो हाथ से लिखकर नोट्स तैयार करना ही बेहतर है।