न मंडप, न फेरे , न सिंदूर, न मंगलसूत्र,जोड़ों ने इस तरह रचाई अनोखी शादी

प्रयागराज |न मंडप,सजा न फेरे पड़े , न सिंदूरलगाया और , न मंगलसूत्र पहना, प्रयागराज में दो जोड़ों, अविनाश और अंजलि और अमित और शिवा ने इस तरह रचाई अनोखी शादी|

प्रयागराज में दो जोड़ों, अविनाश और अंजलि और अमित और शिवा का एक अनोखी शादी हुई । अग्नि, मंत्रों और अन्य पारंपरिक अनुष्ठानों के बजाय, विवाह एक ‘प्रतिज्ञा’ के साथ संपन्न हुए, जिन्हें जोड़ों ने माता-पिता, कई समाज सेवकों और शहर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति में लिया।

शादी रविवार को शहर के चैथम लाइंस इलाके के एक आवासीय परिसर में हुई।

दोनों जोड़ों ने एक दूसरे को जाति से परे और बिना किसी धार्मिक रिवाजों के चुना।

27 साल के अविनाश देवरिया के पथरदेवा के डोमनपुरा गांव के मूल निवासी हैं और सिविल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया है, जबकि उनकी पत्नी अंजलि ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कॉमर्स में मास्टर्स किया है।

अविनाश ने कहा, “हम धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन एक शादी से जुड़े सदियों पुरानी रस्में समकालीन समाज में अच्छी तरह से फिट नहीं हैं। एक खुशहाल विवाहित जीवन के लिए या किसी से शादी करने के लिए, प्रेम केवल जरूरी है और न कि जाति, सामाजिक स्थिति, दहेज या ऐसी कोई भी अप्रासंगिक प्रथा।”

इस तरीके से शादी करने वाले दूसरे जोड़े ने भी इसी तरह की भावनाएं जाहिर कीं।

न मंडप, न फेरे , न सिंदूर, न मंगलसूत्र,जोड़ों ने इस तरह रचाई अनोखी शादी

अमित ने कहा, “हम उन रीति-रिवाजों के खिलाफ हैं जो ज्यादार शादियों से संबंधित होती हैं। लड़की कोई सामान नहीं है जिसे उसके पिता को शादी में ‘दान’ के रूप में देना पड़े।”

आपसी प्रेम, विश्वास, भरोसे और समानता की संयुक्त प्रतिज्ञा लेने के बाद, जोड़ों ने प्रतिज्ञा के लिखित प्रारूप वाले दस्तावेज के नीचे हस्ताक्षर भी किए और उसी समारोह में उपस्थित कुछ गवाहों ने भी किया।

दिलचस्प बात यह है कि दोनों दुल्हनों ने भी सिंदूर और मंगलसूत्र पहनकर अपने मैरिटल स्टेटस को नहीं दिखाने का फैसला किया है।

इस अनोखी शादी के बाद, प्रसिद्ध म्यूजिक कंपोजर विवेक विशाल द्वारा कार्यक्रम स्थल पर एक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

–आईएएनएस