आग के छल्ले जैसा दिखेगा सूर्य, जानें ग्रहण पर राशियों पर प्रभाव

अफ्रीका से शुरू होकर भारत से गुजरता प्रशांत महासागर में खत्म होगा

वेब डेस्क

कल रविवार का सूर्यग्रहण खास होगा। देश के कई हिस्सों मेँ यह आग के छल्ले जैसा करीब मिनट भर तक देखा जा सकेगा। जानकारों के मुताबिक इस बार का रिंग ऑफ फायर थोड़ा संकरा होगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश के ज्यादातर हिस्सों में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण ही देख पाएंगे। कोलकाता में आंशिक सूर्य ग्रहण की शुरुआत सुबह 10.46 बजे होगी और ये 2.17 बजे खत्म हो जाएगा दिल्ली में इसकी शुरुआत सुबह 10.20 बजे होगी और ये 1.48 बजे खत्म हो जाएगा। मुंबई में सुबह 10 बजे से दोपहर 1.27 बजे तक, चेन्नई में 10.22 बजे से 1.41 बजे तक और बेंगलुरु में 10.13 बजे से 1.31 बजे तक दिखाई देगा।

देश में
हमारे देश में सूर्य ग्रहण की शुरुआत राजस्थान के घरसाणा में सुबह 10.12 मिनट पर होगी और ये 11.49 बजे से वलयाकार दिखना शुरू होगा और 11.50 बजे खत्म हो जाएगा। राजस्थान, उत्तराखंड के कई जगहों पर ये आग का छल्ला एक मिनट के लिए दिखेगा।

विदेश में

अफ्रीका महादेश में कांगो के लोग दुनिया में सबसे पहले वलयाकार सूर्य ग्रहण देख पाएंगे। भारत के राजस्थान पहुंचने से पहले दक्षिणी सूडान, इथोपिया, यमन, ओमान, सऊदी अरब, हिंद महासागर और पाकिस्तान से होकर गुजरेगा।

भारत के बाद तिब्बत, चीन और ताइवान के लोग इसे देख पाएंगे। प्रशांत महासागर के बीच पहुंचकर ये समाप्त हो जाएगा।

खगोलीय घटना

खगोलविदों के अनुसार वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं।कुछ समय के लिए एक विशेष इलाके में अंधेरा छा जाता है।

क्या कहता है ज्योतिष विज्ञान

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद पं अजीत शास्त्री कहते हैं, यह खण्डग्रास सूर्य ग्रहण आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या रविवार (21 जून 2020) को (चूड़ामणि योग) खण्डग्रास सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा एवं यह मध्य अफ्रीका, दक्षिणी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, चीन ताइवान, अरब क्षेत्रों में, ओमान, पाकिस्तान आदि क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा।

खण्डग्रास सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में प्रारंभ होगा एवं समाप्ति आर्द्रा नक्षत्र में होगी। सार्वभौमिक परिदृश्य में इसका समय  हर स्थान में अलग – अलग होगा।

ग्रहण का स्पर्श 10:13मिनट ,

ग्रहण का मध्य – 11:56मिनट

ग्रहण की समाप्ति– 1:30 मिनट तक

परंतु भोजन आदि 2 30 के बाद ही करें।

भारत में पड़ने वाले प्रभाव

सूर्य चंद्र बुध सूर्य राहु की युति एवं 6 ग्रह वक्री हैं बुध, गुरु, शुक्र शनि राहु और केतु तथा मृगशिरा नक्षत्र में 4 ग्रहों की युति । इसका परिणाम बहुत ही भयानक हो सकती है। जैसे – कोई बड़ा बम विस्फोट, आगजनी समस्या, अनकहीं घटना, युद्ध, आकाशीय घटना,भूकम्प, तूफान, उच्च स्तरीय नेताओं की असामयिक मृत्यु, एवं सीमा पर उठा-पटक की संभावना बन सकती है।

 किस राशि पर कैसा प्रभाव

मेष – समय लाभदायक रहेगा वृष – समय अनुकूल नहीं है। मिथुन – मानसिक परेशानी। कर्क – आर्थिक क्षति।  सिंह – समय लाभकारी है। कन्या – समय अनुकूल है। तुला – मानसिक तनाव हो सकता है।  वृश्चिक – समय कष्टकारी हैं।  धनु – पीड़ा कारी समय है मकर – लाभकारी समय हैं  कुम्भ – समय अनुकूल नहीं है। मीन समय अनुकूल है।