राजधानी की पुलिसिंग से ऑनलाइन एफआईआर “ग़ायब”


रायपुर। राजधानी की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और स्मार्ट पुलिसिंग का दवा भले ही विभाग कर ले मगर रायपुर के थानेदार इसपर पलीता लगा रहा है। स्मार्ट और हाईटेक पुलिस की बात करने वाले अफसर शायद इस बात से भी महरूफ है कि उनके थानेदार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी दरकिनार करने में पीछे नहीं है। बात केवल सुको की ही नहीं, मानवाधिकार आयोग, राज्य सरकार और आम नागरिक के अधिकार की भी है। बावजूद उसके राजधानी के थानों में हुई एफआईआर 24 घाटे बाद भी पुलिस विभाग की वेबसाइट से नदारत रहती है। डीजी, आईजी और एसएसपी से जिले के थानेदारो को 24 घंटे के अंदर एफआईआर ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश मिला है, लेकिन कई थानेदार ऐसे है जो एफआईआर 24 तो बहोत दूर 72 घंटे बाद भी उसे वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर रहे है। सुप्रीम कोर्ट के ऑनलाइन एफआईआर अपलोड करने के निर्देश की हकीकत तलाशने जब हमने पुलिस के वेब पोर्टल को खंगालना शुरू किया तो माज़रा कुछ और ही नज़र आया। पोर्टल में शहर के दो या तीन थानेदार तय समय पर एफआईआर अपलोड कर कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे है। वही ग्रामीण क्षेत्रों के थानेदार पूरी मनमानी में उतरे है, वहीं अपराध अन्वेष विभाग, सायबर अपराध, अनसूचित जाति कल्याण के अफसरों ने वेब पोर्टल में अभी तक खाता भी नहीं खोला है।

इन थानों से पहुंच रही डिटेल
पुलिस के वेब पोर्टल में जांच के दौरान देखने को मिला ऑनलाइन एफआईआर अपलोड करने में पहले नंबर पर सिविल लाइन, दूसरे नंबर पर टिकरापारा और तीसरे नंबर पर कोतवाली थाना है। ऑनलाइन अपलोड करने में सबसे ज्यादा लेटलतीफी मंदिर हसौद, तिल्दा नेवरा, मुजगहन, कबीर नगर, विधानसभा, आमानाका, गुढ़ियारी और महिला थाना के प्रभारी कर रहे है।

24 घंटे के अंदर करना है अपलोड
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स(सीसीटीएनएस) के तहत प्रार्थी की एफआईआर दर्ज करके उसे 24 घंटे कें अंदर अपलोड करनी है। यदि एफआईआर अपलोड नहीं होती तो थाना प्रभारी और संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई होगी। तय समय पर एफआईआर अपलोड हो इसलिए सभी थाना प्रभारी ने दो-दो कर्मचारी इस काम के नियुक्त किए है. सभी सुविधा होने के बावजूद तय समय पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन थाना प्रभारी नहीं करवा पा रहे है.

लेगे एक्शन
तय समय पर एफआईआर अपलोड करने का निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिया है। समय-समय पर इसकी जांच भी की जाती है। जो भी थाना प्रभारी तय समय पर एफआईआर अपलोड नहीं करवा रहे है, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
ओपी शर्मा, एएसपी ग्रामीण