एनएसयूआई ने किया शिक्षामंत्री का घेराव, गिरफ़्तार…


रायपुर। प्राइमरी स्कूल के प्रश्न पत्र सफाई में हुए 100 करोड़ से ज्यादा की घोटाले का आरोप एनएसयूआई ने लगाया है। इस मामले को लेकर एनएसयूआई के महासचिव कोमल अग्रवाल और हनी सिंह बग्गा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री केदार कश्यप का घेराव किया गया। कोमल अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में घोटालों की बाढ़ आ रही है, इसमें एक घोटाला प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल के बच्चों के प्रश्न पत्रों की छपाई का है। जिसमें पिछले 5 साल में 100 करोड़ से ज्यादा का गोलमाल स्कूल शिक्षा विभाग ने किया है। महासचिव अग्रवाल ने बताया कि गोपनीयता के नाम पर हुए इस पूरे घोटाले में नवोदय केंद्रीय विद्यालय और प्रदेश के सरकारी स्कूलों द्वारा कराए गए टेंडर को दरकिनार कर, सीधे संविदा से खरीदी की गई। अग्रवाल ने कहा कि जो प्रश्न पत्र 5 से 7 रूपए प्रति सेट में प्रकाशित कराए जा सकते थे, विभाग ने उसे 8 से 10 गुना अधिक दरों पर बगैर टेंडर के प्रकाशित कराया। प्रदेश में पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में लगभग 35 लाख सैट प्रश्नपत्र की जरुरत होती हैं, जिसके लिए तकरीबन 14 करोड रुपए वार्षिक और 14 करोड रुपए अर्धवार्षिक परीक्षा हेतु प्रश्न पत्र के सेट खरीदी में खर्च किए जा रहे हैं। जबकि यही काम टेंडर प्रक्रिया में किया जाए तो 5 से 7 रूपए की दर से 4 से 5 करोड़ रुपए में छपाए जा सकते थे। इस तरह हर साल तकरीबन 20 से 22 करोड़ रुपए का घोटाला किया जा रहा है।

गठित हो एसआईटी
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव कोमल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के बजट का गबन करने वालों के खिलाफ इस घोटाले में तत्काल अपराधिक मामले दर्ज किए जाना चाहिए। साथ ही प्रश्न पत्रों की खरीदी का भुगतान विभाग द्वारा रोका जाना चाहिए। इसके अलावा इस पूरे मामले में एसआईटी गठित कर जांच की जानी चाहिए। एसआईटी इसलिए क्योंकि विभागीय जांच में इस घोटाले का खात्मा करने की तैयारी विभागीय अफसर भी करेंगे, अगर ऐसा नहीं होता तो हमारा प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।