राजनाथ बोले-ज़मीन खो रहे नक्सली, सीआरपीएफ और प्रदेश पुलिस को सराहा


अंबिकापुर। माओवाद के ख़िलाफ़ बस्तर के आदिवासी ही अब सीधे लोहा लेंगें। CRPF ने बस्तर के युवाओं और युवतियों को ट्रेंड कर बटालियन 241 का गठन किया है। इस बटालियन की पासिंग आउट परेड देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने हुई। इस बटालियन में बस्तर के बीजापुर नारायणपुर दंतेवाड़ा और सुकमा के 534 युवक और 189 युवतियाँ शामिल हैं। मार्च 2016 को हुई इस भर्ती प्रक्रिया के बाद तैयार हुई बटालियन 241 को गोरिल्ला युद्ध,छद्म युद्ध स्वल्पाहार के बावजूद लड़ना और जंगल युद्ध की सभी तकनीक में दक्ष हैं। इस बटालियन का जय घोष है जय बस्तरिहा। इस दौरान राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नक्सलवाद देश के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन अब नक्सलवाद का खतरा कम हो रहा है। क्योंकि नक्सली अपनी जमीन खोते जा रहे हैं। नक्सल मामलों में आई कमी का श्रेय मैं सीआरपीएफ और प्रदेश पुलिस को देना चाहता हूं।
गौरतलब है कि बस्तर में महिला कमांडों की टुकड़ियां रोड ओपनिंग जैसे कामों को भी निभा रही है। ये महिला कमांडो प्रमुख सड़कों पर आठ से दस घंटे तक सड़क निर्माण में मदद कर रही हैं। खास बात यह है कि इन महिला कमांडो को घोर नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में तैनात किया गया है। यही नहीं, इन महिला जवानों ने एक दर्जन से ज्यादा महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण में सुरक्षा का जिम्मा उठा भी लिया है। वर्तमान ट्रेनिंग से पहले 90 महिला जवानों को नार्थइस्ट के पुलिस कैंप में भेजकर जंगल में लड़ने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। बस्तर पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो महिला पुलिस जवानों को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक सड़क निर्माण साइट पर तैनात किया जाता है। ये जवान दोपहर में सिर्फ लंच के समय ही आधे घंटे के लिए मोर्चे से हटती हैं, लेकिन उनकी जगह नए जवानों को तैनात कर दिया जाता है।