वोट की राजनीति पर उतरे शिक्षाकर्मी, परिवार के साथ शुरू किया कैंपेन


रायपुर। अपना संविलियन कराने शिक्षाकर्मी अब सियासी चाल चल रहे है। इस सियासी चाल में केवल एक शिक्षक ही नहीं बल्कि उनका पूरा परिवार उनके साथ खड़ा हुआ है। दरअसल शिक्षाकर्मियों ने अपने संविलियन की लंबित मांग पूरी कराने सरकार पर वोटबैंक के ज़रिए दबाव बनाने का एक दांव खेला है। इस दांव में प्रदेशभर के लगभग 1 लाख 80 हज़ार शिक्षाकर्मी अपने परिवार के साथ सेल्फी खींचाकर उसे सोशल मिडिया में वायरल कर रहे है। इस तस्वीर के साथ शिक्षक एक और इमेज़ फ़ाइल वायरल कर रहे है, जिसमें लिखा हुआ है ” मेरा और मेरे परिवार का वोट उसे ही मिलेगा, जो मुझे संविलियन देगा।” गौरतलब है कि ये तस्वीर भी शिक्षकों द्वारा उस समय की जा रही है जब उनका कुनबा राजधानी में सरकार के खिलाफ हल्लाबोल करने की तैयारी में है। प्रदेशभर से शिक्षाकर्मी 11 मई को राजधानी में इक्कठे होकर सरकार के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है।

ये है वोट का गणित
प्रदेशभर में तक़रीबन 1 लाख 80 हज़ार शिक्षाकर्मी है। हर एक शिक्षक के परिवार में औसतन 5 वोटर है। इस तरह इनकी संख्या लगभग 9 लाख के आस पास की होती है। अगर प्रदेश के पिछले चुनाव में हुए मतदान के आंकड़ों पर नज़र घुमाए तो मतदान करने वाले वोटर्स की संख्या 1 करोड़ 30 लाख के लगभग रही है। इनमे अगर शिक्षाकर्मियों के परिवार की संख्या का प्रतिशत देखा जाएं तो, ये लगभग 6.90 फीसदी होते है। इन आकड़ों में सबसे अहम बात ये है कि प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की हार जीत का अंतर को अब तक महज़ एक फीसदी ही रहा है। ऐसे में शिक्षाकर्मियों का ये दांव भाजपा सरकार की पेशानी में बल बढ़ा रहा है।