सूरजपुर में 11 स्थानों पर बन रहे “आदर्श गौठान”

सूरजपुर जिलें के गांवों में 105 स्थानों में बन रहे गैाठान

सूरजपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत गांवों में 105 स्थानों में गैाठानों का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण में 11 आदर्श गौठानों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। यहां पशुओं के रहने, चारा तथा पानी की उचित व्यवस्था की जा रही है। इन स्थानों पर चरवाहों की नियुक्ति की गई है। गौठानों के रखरखाव और संचालन के लिए प्रबंधन समिति का गठन किया गया है।

                                     कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि जिले में गौठान में पशुओं की सुरक्षा के लिए चौनलिंग फेनसिंग एवं सी.पी.टी. का निर्माण कर चारा पानी की व्यवस्था हेतु सोलर पंप के माध्यम से पानी टंकी एवं कोटना में लगातार पानी उपलब्ध किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से फेनसिंग, पोल निर्माण एवं घुरवा उन्नयन में सहयोग लिया जा रहा है।

गौठान में पशुओं के बैठने के लिए चबुतरा का निर्माण एवं बीमार पशुओं के लिए पशु चिकित्सा विभाग के माध्यम से हेल्थ केम्प लगाया जा रहा है। नरवा-नालों को बांधने हेतु एवं रिच टू वैली कांसेप्ट के माध्यम से नाला का उपचार किया जा रहा है। इस घटक के अंतर्गत जल संसाधन विभाग, वन विभाग द्वारा नाला उपचार किया जा रहा है। गौठान निर्माण कार्य की मानिटरिंग के लिए ग्राम पंचायतों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है।

मुख्यमंत्री ने बैठक दिए निर्देश
इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों की बैठक लेकर सोमवार को ही कहा है कि ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ एक दीर्घकालिक और खेती किसानी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की योजना है। इस कारण जरूरी है कि इस कार्य में जहां इसरो के माध्यम से किए जाए वैज्ञानिक मेपिंग आदि का उपयोग किया जाए, वहीं इसकी सभी कार्याे को गुणवत्तापूर्ण और योजनाबद्व तरीके से जन सहभागिता से लागू किया जाए। उन्होेंने कहा कि यही कारण है कि योजना के तहत कार्य करने की समय सीमा में उदारता बरती गई है।