अंडे पर कोहराम के बाद फैसला…तो उन स्कूलों में नहीं बाँटें जाएंगे अंडे

मध्यान भोजन में अंडे पर स्पष्टीकरण आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मध्यान भोजन में दिए जाने वाले अंडे को लेकर मचे कोहराम में अब स्कूल शिक्षा विभाग ने एक स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है। विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने प्रदेश भर के कलेक्टरों को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में मध्यान भोजन के मैन्यू के संबंध में स्पष्टीकरण किया गया है।

                जिसमें उन बच्चों को चयनित कर पृथक पंक्ति में बिठाने का आदेश दिया गया है, जो मध्यान भोजन के दौरान अंडा नहीं खाना चाहते। वही उनके लिए अंडे की जगह पर दूसरे प्रोटीन खाद्य पदार्थ की व्यवस्था करने का भी निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने दिया है। पांच बिंदुओं में जारी इस आदेश में कहा गया है कि अगले 2 सप्ताह में शाला विकास समिति एवं पालकों की बैठक शाला स्तर पर कराई जाए। इस बैठकों में ऐसे छात्र छात्राओं को चिन्हित किया जाए, जो मध्यान भोजन में अंडा नहीं खाना चाहते।
आदेश में यह भी कहा गया है कि मध्यान्ह भोजन तैयार करने के बाद अलग से अंडे उबालने / पकाने की व्यवस्था होनी चाहिए। वही जो छात्र अंडा नहीं लेना चाहते उन्हें मध्यान भोजन के दौरान अलग पंक्ति में बिठाकर मध्यान भोजन परोसा जाएगा। इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन शालाओं में अंडा वितरण किया जाना हो वहां शाकाहारी छात्र-छात्राओं के लिए अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे दूध, सोया दूध, प्रोटीन क्रंच, सोया बड़ी जैसे विकल्पों की व्यवस्था की जानी चाहिए।

                इसके अलावा विभाग ने ये भी स्पष्ट किया है कि यदि पालकों की बैठक में मध्यान भोजन में दिए जाने वाले अंडे को लेकर आम सहमति नहीं बनती है, तो ऐसी शालाओं में मध्यान्ह भोजन के साथ अंडा नहीं दिया जाएगा। वहीं छात्रों के लिए प्रोटीन पदार्थों को घर पहुंच सेवा के लिए भी शाला विकास समिति रूट मैप तैयार करेगी।