लोकसभा में उठी छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने उठाई लोकसभा में मांग

नई दिल्ली / रायपुर। छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए लोकसभा में छत्तीसगढ़ के सांसद ने आवाज उठाई है। राजनांदगांव के निर्वाचित सांसद संतोष पांडे ने इस संबंध में लोकसभा में अपनी बात रखी है। पांडे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आन, बान और शान छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग रखता हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा बिल्कुल सहोदर, सहज और सरल है। बहुत ही मधुर और मीठी भाषा है, और छत्तीसगढ़ी हिंदी भाषा का ही एक अंग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के जनक कहे जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया। संतोष पांडे ने सदन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे युवा तरुणाई पर विकास की ओर लेकर आ रहे है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ी को छत्तीसगढ़ सरकार ने राजभाषा का दर्जा सालों पहले दे दिया था, लेकिन आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं होने की वजह से इसे सरकारी कामकाज की भाषा में अब तक नहीं बनाई जा सकी है। वही कई छत्तीसगढ़ी संगठनों ने राज्य सरकार पर छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए पत्राचार और प्रदर्शन दोनों किए थे। सालों की लंबित मांग पर लोकसभा में राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे ने छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का निवेदन माननीय अध्यक्ष के माध्यम से सदन में किया है।