घर बैठे पटाएं ई चालान, आईटीएमएस से मिलेगी सेवा

ट्रैफ़िक पुलिस रायपुर ने शुरू की ऑनलाइन पे सुविधा

रायपुर। रायपुर की ट्रैफिक पुलिस से अगर आपके घर पर चालान पहुँचता है तो आप को उसे पटाने के लिए कहीं भटकने की जरुरत नहीं है। आप उस चालान का भुगतान बगैर की किसी थाने का चक्कर काटे भी पटा सकते है। भारत शासन के महत्त्व कांक्षी योजना स्मार्ट सिटी के अंतर्गत राजधानी रायपुर में लगाए गए इंटेलीजेंट ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के घर के पते पर e-challan नोटिस भेजी जा रही है।

घर बैठे पटाएं ई चालान                   जिसका भुगतान सात दिवस के भीतर जमा करना अनिवार्य होता है। सात दिवस के भीतर चालान जमा नहीं होने की स्थिति में प्रकरण न्यायालय प्रस्तुत किया जाता है। E-challan पटाने हेतु कार्यालयीन समय सुबह 10:00 से 6:00 बजे तक समय निर्धारित किया गया है किंतु कुछ वाहन चालकों द्वारा अवगत कराया गया कि उपरोक्त समय पर नौकरी पेशा लोग तथा शहर से बाहर नौकरी/व्यवसाय करने वाले वाहन चालको को निर्धारित समय पर चालान पटाने हेतु कार्यालय उपस्थित होने में असुविधा हो रही है। जिसके बाद वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसएसपी रायपुर आरिफ़ शेख ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात एम आर मंडावी को ऑनलाइन ई चालान सिस्टम पर चर्चा की थी।जिसके बाद यातायात पुलिस द्वारा इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर वाहन चालको की सुविधा हेतु e challan Online system प्रारंभ किया गया है। ई चालान पे करने हेतु विभाग की वेब साईट echallan.parivahan.gov.in में जाकर अपना e-challan जमा कर सकते हैं !

नहीं होगा नाम ट्रांफर न बिकेगी गाड़ियां
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक जिनका e-challan जारी हुआ है यदि वे चालान जमा नहीं करते तो वे वाहन से संबंधित मिलने वाली सारी सुविधाओं से वंचित रहेंगे जैसे वाहन खरीदी बिक्री, नाम ट्रांसफर आदि बिना ई चालान समन शुल्क जमा किए सेवा का लाभ नहीं ले सकते e challan जमा करने के उपरांत ही उपरोक्त सेवाओं का लाभ ले पायेंगे !

सात दिन के बाद जाते है कोर्ट
सात दिवस के भीतर ई चालान जमा नहीं होने की स्थिति में प्रकरण न्यायालय भेजी जाएगी उल्लंघन करता वहां चालकों की सुविधा हेतु यातायात पुलिस द्वारा ऑनलाइन ई चालान पे सिस्टम चालू किया गया है, सात दिवस के भीतर चालान जमा नहीं होने की स्थिति में प्रकरण न्यायालय भेजी जाएगी तथा माननीय न्यायालय द्वारा समन शुल्क परिसमन किया जाएगा!