Exclusive : बस्तर के घने जंगलों में बेटियों का संगर्ष, स्वास्थ मंत्री ने थपथपाई पीठ…

कोंडागांव की टीम की मंत्री टीएस सिंहदेव ने की तारीफ़

कोंडागांव / रायपुर। बारिश के मौसम में बस्तर में हालात बाढ़ से बेहद खराब है। एक ओर नदियों में उफान की वजह से जन जीवन जहां प्रभावित है। वही दर्जनों गांव शहरी इलाकों से अभी कटे हुए है। ऐसे में बारिश के दौरान इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। सोशल मीडिया में अभी कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है। जिसमें मलेरिया, डेंगू, हैजा समेत कई घातक बीमारियों से बचने के लिए जीवन रक्षक दवाइयों का वितरण करने वाली महिलाओं की एक टीम बस्तर के घुप जंगलों में संघर्ष करते नज़र आ रही यही।

इस टीम में आंगनबाड़ी सहायिका और स्वास्थ्य सहायिका अपने साथ दवाओं का बक्सा लिए दिख रही है। ये टीम बस्तर के कोंडागांव जिले के घने जंगलों के बीच से पहाड़ियों को चीरकर और उफनती नदियों में संघर्ष कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं पहुंचाने का काम कर रही है। वायरल हुई तस्वीरें जिला कोंडागांव से निकल कर क्षेत्र के धुर नक्सल प्रभावित इलाके मर्दापाल गांव जाने की बताई जा रही है। बताते है कि यह गांव बीते कई दिनों से बाढ़ की वजह से जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। जहां चिकित्सकीय सुविधा कुछ इसी तरीके से स्थानीय प्रशासन इन साहसी बेटियों के सहारे पंहुचा रहा है। इन तस्वीरों को हेल्थ डिपार्टमेंट कोंडागांव डिस्ट्रिक्ट ने भी अपने ट्वीटर पर शेयर किया है। जिससे बकायदा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से शाबाशी भी मिली है।

ट्वीट कर शेयर की तस्वीर
सूबे के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोंडागाँव स्वस्थ अमले के इस ट्वीट को रि-ट्वीट कर लिखा ” हमें टीम कोंडागांव पर गर्व है। लोगों की सेवा का अच्छा काम करते रहें। आप समाज के सच्चे नायक हैं। ”