शराब बंदी : घोड़ा घास से दोस्ती करेगा तो खायेगा क्या

शराब दुकानों में बढे समय पर विपक्ष ने किया हमला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर सरकार की मंशा और प्रशासन के आदेश दोनों ही विपरीत दिशा में चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार जहां शराबबंदी करने को लेकर सार्वजानिक मंचों से स्पीकर में जबरदस्त मुनादी कर रही है। वहीं प्रदेश के अफ़सर जमकर शराब बिक्री की तैयारी में मुस्तैद नजर आ रहे हैं। सुबे की राजधानी रायपुर में कलेक्टर ने अब शराब दुकानों के समय में 2 घंटे का इजाफा किया है। यानी अब टकटकी लगाकर 9:00 बजे तक का इंतजार करने वालों को आबकारी विभाग ने 2 घंटे का समय ज़्यादा दिया है। राजधानी रायपुर की शराब दुकानें अब सुबह 11:00 बजे खुलकर रात में 10:00 बजे बंद होंगी। यानी शराब की खपत में अब और इजाफा देखने को मिलेगा। सरकार के वादों और अफसरों की आदेश इन दोनों में शराबबंदी को लेकर दिख रही भिन्नता से विपक्ष तीखे तेवर दिखा रहा है। वही जनता भी सरकार के इस बातें को लेकर संशय की स्थिति में है। सरकार के इस आदेश को लेकर विपक्ष ने सोशल मीडिया में मोर्चा खोल दिया है। मंत्री अजय चंद्राकर ने ट्वीट किया है।

                             चंद्राकर ने लिखा है कि ” सही बात है…घोड़ा घास से दोस्ती करेगा तो खायेगा क्या..
#माननीय_मुख्यमंत्री_जी
विपक्ष में रहकर जब आपने शराब के ब्रांड के प्रति चिंता जताई थी तब थोड़ी हैरानी हुई थी पर आज आपके कार्यों से पता चल रहा है कि कांग्रेस शराबबंदी के लिए नहीं बल्कि शराब के लिए सत्ता में आई है।

काउंटरों की संख्या में किया था इज़ाफ़ा
गौरतलब है कि महज 7 दिन पहले ही आपकारी विभाग ने प्रदेशभर में शराब दुकानों में सेल्स काउंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया था। जिसमें शराब दुकानों में सेल्समैन के हिसाब से काउंटर रखने की हिदायत दी गई थी। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को यूनिफॉर्म और बैच के साथ शराब दुकान पर ड्यूटी करने के लिए निर्देशित भी आबकारी विभाग में किया था।